{"product_id":"vandana-9789357759342","title":"Vandana","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sudhir Narain\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eवन्दना विष्णु के सहस्र नामों पर सहस्र गीत हैं। गीतों में गुंजन है-भक्ति का, संगीत है संवेदना का। विष्णु व्यापी है-आकाश में, पृथ्वी में, पाताल में-यही नहीं ब्रह्माण्ड के कण-कण में। उसकी उपासना में निराकार साकार हो उठा है।इसमें विष्णु को पौराणिक स्वरूप में सीमित नहीं किया है। वह असीमित चैतन्य की चेतना का अनुभव है। भगवान विष्णु का ही यह अनुग्रह है कि वन्दना जैसी कृति किसी सपने की तरह साकार हो पायी ।यह पुस्तक केवल पुस्तक ही नहीं, उपासना की रोली-चन्दन, साधना का बेल पत्र है। प्रत्येक नाम की कविता, एक पवित्र ऋचा की प्रतीति देती है।यह कहने में मुझे कोई संकोच नहीं कि सुधीर नारायण जी एक साधक-लेखक हैं। विष्णु सहस्रनाम के गीत हमारी चेतना में आँखें खोलने लगते हैं। गंगा को विष्णुपदी कहते हैं। इस पुस्तक के पृष्ठ-पृष्ठ पर हम उसकी उत्ताल तरंगों का दर्शन करते हैं।इन सहस्र गीतों की रचना बारह वर्षों में हुई है। इसमें एक पूर्ण कुम्भ का अमृत भरा है।- यश मालवीय,कवि एवं लेखक\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46523169308823,"sku":"9789357759342","price":3510.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789357759342.webp?v=1767180388","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/vandana-9789357759342","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}