{"product_id":"vishwarath-vishwamitra-9789388211215","title":"Vishwarath : Vishwamitra","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Krishnakant 'Eklavya'\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकृष्णकान्त 'एकलव्य' के प्रबन्ध काव्य ‘विश्वस्थ’ से गुज़रना सुखद लगा। दरअसल जब पौराणिक कथा काव्य-रचना के लिए ली जाती है तो वह अपने मूल रूप में होकर भी समय के अनुसार कुछ परिवर्तित होती है। कवि उस पुरा-कथा के माध्यम से अपने समय के सत्य को उद्घाटित करता है। कवि इसीलिए पुराण या इतिहास की ऐसी कथाएँ या पात्र लेता है जिनमें नए समय के साथ जुड़कर कुछ नया कहने की क्षमता हो। वशिष्ठ और विश्वामित्र ऐसे महर्षि हैं जिनके चरित्रों की अलग-अलग छवियाँ हैं जो परस्पर टकराती भी हैं। 'एकलव्य' जी ने इन्हीं दो महर्षियों के माध्यम से आज के समय में व्याप्त अनेक समस्याओं को रूपायित किया है और कथा को समकालीनता की दीप्ति देकर अधिक प्रासंगिक बना दिया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e—रामदरस मिश्र\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285550653591,"sku":"9789388211215","price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388211215.webp?v=1769283766","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/vishwarath-vishwamitra-9789388211215","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}