{"product_id":"wah-kaun-thi-9789388434195","title":"Wah Kaun Thi?","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Sanjeev\u003cbr\u003e • Publisher: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Vani Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eकसम खाकर कहती हूँ कि वह एक कयामत की रात थी। आज भी याद करती हूँ तो सिहर-सिहर उठती हूँ, जैसे किसी साँप की जीभ सहला-सहला जाये ! जान में जान तब आयी जब बोगी के कंडक्टर ने आकर हमें बताया, \" रब का शुकर मनाओ जी कि ख़तरा टल गया।” “पर क्या वाक़ई कोई टेरारिस्ट एटेम्प्ट था या सिर्फ...?” बहुत कुछ पूछना चाहते थे हम, मगर कंडक्टर ने हमें बोलने का मौका ही न दिया, “ये टाइम बहोत ख़राब है जी, कब हक़ीक़त अफवाह बन जाये, कब अफवाह हकीकत, ख़तरा तो टल गया लगता है, पर ख़तरा तो कभी भी आ सकता है जी । एहतियातन एलर्ट ही रहें तो अच्छा।” कंपार्टमेंट की बुझी बत्तियाँ जल उठीं। लगा, हम एक लम्बी काली सुरंग से बाहर निकले हैं।''वह कौन थी?' कहानी का अंश\u003c\/p\u003e","brand":"Vani Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":46523083227287,"sku":"9789388434195","price":135.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789388434195.webp?v=1767179904","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/wah-kaun-thi-9789388434195","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}