{"product_id":"wah-re-govinda-wah-9789389742633","title":"Wah Re Govinda Wah","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Dinesh Sahu\u003cbr\u003e • Publisher: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eप्रस्तुत नाट्य शृंखला समाज के विभिन्न किरदारों को माध्यम बनाकर समाज के अमानवीय कृत्यों को उजागर कर यथार्थ को परदे के सामने लाती है। साथ ही जहाँ नाटक ‘वाह रे गोविन्दा वाह में’, मर्द दिवस की गुदगुदाने वाली परिकल्पना से पाठक और दर्शकों का जमकर मनोरंजन करती है वहीं ‘मैं इकबाल’ नाटक की रचना समाज के दिग्भ्रमित युवाओं को सच्ची और उजियारी राह पर लाने के लिए मशाल का काम करती है। नाटक की विषयवस्तु में किसी तरह का पांडित्य  प्रदर्शन नहीं बल्कि अनछुए विषयों को बड़ी ही रोचकता के साथ स्पर्श किया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cspan style=\"font-weight: 400;\"\u003eनाटक के हर दृश्य को मंच पर बड़ी सुगमता से दर्शाया जा सकता है। इसमें सन्देह नहीं। एक में हास्य रस की चाशनी है तो दूसरे में यथार्थ का कड़ुवा घूँट...।\u003cbr\u003e\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Lokbharti Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285566251159,"sku":"9789389742633","price":88.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789389742633.webp?v=1769283765","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/wah-re-govinda-wah-9789389742633","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}