{"product_id":"yaadon-ke-aaine-mein-9788126730452","title":"Yaadon Ke Aaine Mein","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Ozair E. Rahman\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • BISAC: General\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eउजैर ई. रहमान की ये ग़ज़लें और नज़्में एक तजरबेकार दिल-दिमाग़ की अभिव्यक्तियाँ हैं। सँभली हुई ज़बान में दिल की अनेक गहराइयों से निकली उनकी ग़ज़लें कभी हमें माज़ी में ले जाती हैं, कभी प्यार में मिली उदासियों को याद करने पर मजबूर करती हैं, कभी साथ रहनेवाले लोगों और ज़माने के बारे में, उनसे हमारे रिश्तों के बारे में सोचने को उकसाती हैं और कभी सियासत की सख़्तदिली की तरफ़ हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं। कहते हैं, ‘साज़िशें’ बन्द हों तो दम आए, फिर लगे देश लौट आया है।’ इन ग़ज़लों को पढ़ते हुए उर्दू ग़ज़लगोई की पुरानी रिवायतें भी याद आती हैं और ज़माने के साथ क़दम मिलाकर चलनेवाली नई ग़ज़ल के रंग भी दिखाई देते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसंकलन में शामिल नज़्मों का दायरा और भी बड़ा है। ‘चुनाव के बाद' शीर्षक एक नज़्म की कुछ पंक्तियाँ देखें :\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसामने सीधी बात रख दी है\/देशभक्ति तुम्हारा ठेका नहीं\/ज़ात-मज़हब बने नहीं\/बुनियाद\/बढ़के इससे है कोई धोखा नहीं\/कहते अनपढ़-गँवार हैं इनको\/नाम लेते हैं जैसे हो गाली\/कर गए हैं मगर ये ऐसा कुछ\/हो न तारीफ़ से ज़बान ख़ाली। यह शायर का उस जनता को सलाम है जिसने चुनाव में अपने वोट की ताक़त दिखाते हुए एक घमंडी राजनीतिक पार्टी को धूल चटा दी। इस नज़्म की तरह उजैर ई. रहमान की और नज़्में भी दिल के मामलों पर कम और दुनिया-जहान के मसलों पर ज़्यादा ग़ौर करती हैं। कह सकते हैं कि ग़ज़ल अगर उनके दिल की आवाज़ हैं तो नज़्में उनके दिमाग़ की। एक नज़्म की कुछ पंक्तियाँ हैं :\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदेश है अपना, मानते हो न\/दुःख कितने हैं, जानते हो न\/पेड़ है इक पर डालें बहुत हैं\/डालों पर टहनियाँ बहुत हैं\/तुम हो माली नज़र कहाँ है\/देश की सोचो ध्यान कहाँ है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285676089495,"sku":"9788126730452","price":209.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126730452.webp?v=1769284041","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/yaadon-ke-aaine-mein-9788126730452","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}