{"product_id":"yogasan-aur-shareer-vigyan-9789383111824","title":"Yogasan Aur Shareer Vigyan","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Swami Akshya Atmanand\u003cbr\u003e • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.\u003cbr\u003e • BISAC: Yoga\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eशरीर आत्मा का आधार है, पड़ाव है, विश्रामस्थल है, मंजिल नहीं; फिर भी मंजिल न मिलने तक उसे इस आधार की आवश्यकता है । रुकने और विश्राम करने की, अपने आपको तरोताजा करने की, अपनी हँसी-खुशी, स्वास्थ्य-सुविधा बनाए रखने की उसे महती आवश्यकता है, ताकि वह एक दिन अपनी मंजिल पा सके । इस पुस्तक में शरीर विज्ञान एवं योगासन संबंधी अनेक उपयोगी जानकारियाँ दी गई हैं । चित्रों सहित विषय को समझने की सर्वथा एक नवीन शैली में प्रस्तुति इसलिए उपयुक्‍त लगेगी कि आप इसे अपनी मुविधा के अनुसार पढ़-समझ सकेंगे । आप मनन कर, इसका पालन कर सकने का संकल्प लें, निरंतर अपनी यात्रा जारी रखें और एक दिन अपनी मंजिल पा लें ।पुस्तक में योगासनों के साथ-साथ कुछ ऐसी सामग्रियों का भी समावेश किया गया है, जिनके मनन मात्र से आपका जीवन असीम कार्यक्षमता और आनंदमय उल्लास से भर उठेगा ।अति सरल भाषा, विशिष्‍ट शैली, गंभीर वैज्ञानिक विश्‍लेषण और सुबोध व्याख्या स्वामी अक्षय आत्मानंदजी की पुस्तकों की ऐसी विशेषताएँ हैं, जिनसे पाठक उनकी योग संबंधी पुस्तकों को रुचिपूर्वक पढ़ते हैं ।हमें पूर्ण विश्‍वास है कि प्रस्तुत पुसाक को पढ़ने के बाद आप भी योग-विद्या में स्वयं को प्रवीण पाएँगे ।\u003c\/p\u003e","brand":"Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":46839681253527,"sku":"9789383111824","price":280.0,"currency_code":"INR","in_stock":false}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789383111824.webp?v=1769162150","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/yogasan-aur-shareer-vigyan-9789383111824","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}