{"product_id":"yoon-hee-9789347265716","title":"Yoon Hee","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Idrees Babar | Naeem Sarmad | Anuradha Sharma\u003cbr\u003e • Publisher: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Radhakrishna Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003cspan\u003eइदरीस बाबर ने अपनी ग़ज़ल के ज़रिये नई शायरी को दरयाफ़्त किया है। उनकी किताब \u003c\/span\u003e\u003cspan class=\"a-text-bold\"\u003e‘यूँ ही’\u003c\/span\u003e\u003cspan\u003e की तमाम ग़ज़लों की ख़ासियत ये है कि वह ग़ज़ल के पुराने और घिसे-पिटे मज़ामीन को दोहराती नहीं हैं, बल्कि जदीद ज़िन्दगी से जुड़े इंसानी मामलात को अपना मौज़ू बनाती हैं। अपनी ग़ज़ल में वह उर्दू से वाबस्ता नफ़ासत और नज़ाकत को नज़र अन्दाज़ करते हुए ऐसे अलफ़ाज़ के इस्तेमाल करने में भी कोई बुराई महसूस नहीं करते, जिनको बहुत पहले मेयारी ज़बान के तसव्वुर ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उनके अन्दर का ग़ज़ल-गो हर तरह से समाज की बदलती हुई ज़हनी करवट, सियासी निज़ाम में धँसी हुई इनसानी चीख़ और रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में इश्क़ करते, भटकते, बेरोज़गार और बा-सलाहियत नौजवान की बे-चैनी से वाक़िफ़ है। इदरीस बाबर के लिए कहा जा सकता है कि ग़ज़ल में ज़बान और बयान के जितने तज'रबे उन्होंने ज़फ़र इक़बाल के बाद किये हैं, वह अपने पहले शेरी मजमूए में किसी और शायर ने शायद ही किये हों। \u003cbr\u003e\u003cbr\u003e इस तरह वह जदीदतरीन ग़ज़ल में वाक़ई अनोखे लहजे के एक बा-कमाल शायर के तौर पर ख़ुद को मनवाने की भरपूर ताक़त रखते हैं। उनकी इस किताब से आपको उनके नएपन का महज़ कुछ पन्ने पलटते ही अन्दाज़ा हो जाएगा।\u003c\/span\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Radhakrishna Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":47716875796631,"sku":"9789347265716","price":139.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9789347265716.webp?v=1776940520","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/yoon-hee-9789347265716","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}