{"product_id":"zaharbaad-9788126729401","title":"Zaharbaad","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Abdul Bismillah\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ के प्रख्यात रचनाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का यह उपन्यास प्रकाशन-क्रम की दृष्टि से तीसरा किन्तु लेखन-क्रम से पहला है। इसकी कथाभूमि मध्य प्रदेश के एक पूर्वी छोर पर स्थित मंडला अंचल है। वहाँ के ग्रामीण परिवेश में रचे गए इस उपन्यास में ऐसे चरित्रों का निरूपण हुआ है जो आज़ाद हिन्दुस्तान की बड़ी-बड़ी विकास योजनाओं से एकदम अछूते और अपरिचित हैं और ग़रीबी की रेखा के बहुत नीचे का जीवन जी रहे हैं। उनके माध्यम से लेखक ने समाज की विसंगतियों, वर्जनाओं और दारुण विषमताओं को मार्मिक ढंग से उकेरा है। संक्षेप में कहें तो यह उपन्यास रोज़-रोज़ मरकर जीनेवाले अनगिनत पति-पत्नियों, पुत्रों और प्रेमी-प्रेमिकाओं की, उनके दुःख-दर्द की ऐतिहासिक महागाथा है। साथ ही लेखक ने ग्रामीण परिवेश का चित्रण इतनी सशक्त भाषा में किया है कि वह सब आँखों के सामने से गुज़रता हुआ प्रतीत होता है। संवादों में मंडला की बोली के प्रयोग ने पात्रों को सम्भव और विश्वसनीय बनाया है।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Hardcover","offer_id":45285675729047,"sku":"9788126729401","price":175.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126729401.webp?v=1769284039","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/zaharbaad-9788126729401","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}