{"product_id":"zamane-mein-hum-9788126727797","title":"Zamane Mein Hum","description":"\u003cp\u003e • Author(s): Nirmala Jain\u003cbr\u003e • Publisher: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan\u003cbr\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003e\u003c\/p\u003e\u003cp\u003eसुपरिचित आलोचक निर्मला जैन ने दिल्ली : शहर-दर-शहर जैसे सुपठ संस्मरणात्मक कृति से यह स्पष्ट संकेत दे दिया था कि न तो उनका जीवन एकरेखीय है, न उनकी भाषा और रचनात्मकता का मिज़ाज केवल आलोचनात्मक है। ‘ज़माने में हम’ नामक उनकी यह आत्मकथात्मक कृति उन संकेतों को सच साबित करती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e‘ज़माने में हम’ को निर्मला जी ने आत्मवृत्त कहा है। उन्होंने आठ दशक पीछे छूट गई ज़िन्दगी को पलटकर यों देखा है कि निजी यादें न केवल उनके रचनात्मक जीवन के इतिहास की निर्मिति का तत्त्व बन गई हैं, बल्कि हिन्दी के लोकवृत्त के निर्माण में भी सहायक साबित होनेवाली हैं। हालाँकि यह उनके लिए जोखिम-भरा कार्य ही रहा होगा। क्योंकि उनके जीवन में अनेक रेखाएँ एक-दूसरे के समानान्तर—परस्पर टकराती, एक-दूसरे को काटती, उलझती-सुलझती हुई हैं। उनकी संश्लिष्ट बुनावट को तरतीबवार दर्ज करना निःसन्देह दुरूह रहा होगा। शायद इसीलिए वे अपनी आत्मकथा को ‘आधे-अधूरे सत्य से ज़्यादा कुछ’ होने का दावा नहीं करतीं। उनके मुताबिक यह स्थितियों और घटनाओं के पारावार का उनका अपना पाठ है। वे खुले मन से मानती हैं कि “...जो व्यक्ति उनमें साझीदार रहे हैं, जिन्होंने बराबर से मित्र या शत्रु या तटस्थ भाव से उनमें साझीदारी की है, सत्य का दूसरा सिरा तो उनके हाथ में है।” और यह इस आत्मकथा की बहुत बड़ी विशेषता है कि इसमें लेखिका स्वयं को बिलकुल निष्कवच भाव से प्रस्तुत करती हैं। स्तब्धकारी साफ़गोई से लबरेज़ इस कृति में ऐसी लोकतांत्रिकता इस बात का सुबूत है कि इसमें जीवन-सत्य का उद्घाटन ही मूल उद्देश्य है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eदरअसल जीवट और उम्मीद के अन्तर्गुम्फित सत्य से संचालित जीवन की यह अविस्मरणीय कथा जीवन की रणनीति का पाठ भी है। मनुष्य की अपराजेयता में विश्वास जगानेवाली एक प्रेरक कृति है ‘ज़माने में हम’।\u003c\/p\u003e","brand":"Rajkamal Prakashan","offers":[{"title":"Paperback","offer_id":45285666324631,"sku":"9788126727797","price":207.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0666\/3471\/1191\/files\/9788126727797.webp?v=1769284016","url":"https:\/\/atlanticbooks.com\/products\/zamane-mein-hum-9788126727797","provider":"Atlantic Books","version":"1.0","type":"link"}