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Antarnaad

by Usha Shrivastav
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789380186993
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 184
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): General

सुश्री उषा श्रीवास्तव की कविताओं में मीरा जैसी दीवानगी समाई हुई है। संवेदनशील पुरुष के मन में कोई अशरीरी मानसी हो सकती है। कोई तरुणी भी मनमीत का सपना पाल सकती है। लगता है, इसी अलौकिक मनमीत के विरह में छटपटाकर उषा ने जो छंद लिखे हैं, वे इस काव्य पुस्तक में समाहित हैं।लेखिका ने ये गीत मनमीत के लिए लिखे हैं। उनकी याद ही तो है, जो जख्मों को सहला जाती है। मीत को पाया या नहीं पाया, किंतु उसके खोने का अहसास बहुत गहरा है। अभी भी उनकी अनंत प्रतीक्षा है। कवयित्री को लगा है कि बंधु को देने योग्य उसके पास कुछ भी नहीं है।यहाँ यह भी ध्यातव्य है कि मीत या बंधु कभी-कभी ‘प्रभु’ संबोधन भी पा जाता है। तब इस बात की और भी पुष्टि हो जाती है कि लेखिका की प्रीति देहातीत है।उषा पॉश कॉलोनी में रहती हैं, फिर भी उन्होंने एअरकंडीशंड रूम में बैठकर कविताएँ नहीं लिखी हैं, बल्कि प्रकृति के विविधवर्णी रूपों के बीच अपने को स्थापित किया है। पीले पत्ते, पतझर, मलय पवन कोंपल, कोयल, भ्रमर, सूर्य-किरण, ओस बिंदु, इंद्रधनुष, तितली-पंख, मेहँदी, मृगछौना आदि उन्हें प्रभावित करते हैं या इन्हें वे प्रतीकों के रूप में इस्तेमाल करती हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि उषा का यह द्वितीय काव्य-संग्रह भी चर्चित और प्रशंसित होगा। अनुजावत् अपनी प्रिय शिष्या को पुनः स्नेहाशीष।—डॉ. रमानाथ त्रिपाठी

उषा श्रीवास्तवजन्म : 15 दिसंबर, 1946शिक्षा : एम.ए. (अंग्रेजी), बी.एड.प्रकाशन : यत्र-तत्र पत्र-पत्रिकाओं में कुछ स्फुट रचनाएँ तथा सहयोगी संकलन ‘कविता परिदृश्य’ प्रकाशित।जो बात किसी से नहीं कही जा सकी और मन के अंदर भी नहीं रखी जा सकी, वही समय-समय पर इन पंक्तियों में फूटी है। उसे कविता का रूप मिला इसका श्रेय मेरे श्रद्धेय गुरुजनों को है, जिनकी निरंतर प्रेरणा व आशीर्वाद के बिना काव्य-सरिता का जीवन-मरु में खो जाना सहज अनिवार्य था।संपर्क : एन-33, पंचशिला पार्क, नई दिल्ली-110017

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