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Jaayaz Hatyare

by Albert Camus
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788170559849
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 63
  • Original Price: INR 150.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): General

जायज़ हत्यारे - ‘जायज़ हत्यारे’ उन क्रान्तिवीरों की कहानी है जो हिंसक क्रान्ति द्वारा अंग्रेज़ों से भारत को आज़ाद कराने के लिए प्रयत्नशील थे। नौजवान क्रान्तिकारियों का यह दल अंग्रेज़ गर्वनर को बम फेंक कर मारने के मौके की तलाश में हैं जिससे अंग्रेज़ी हुकूमत को डरा कर देश छोड़ने के लिये मजबूर किया जा सके। दल का केन्द्रीय पात्र विमी तय समय पर गवर्नर की बग्घी पर बम फेंकने के लिए जाता है, पर बग्घी में बच्चों को भी बैठे देख कर वह बम नहीं फेंकता और लौट आता है। ऐसे ही मानवीय पक्षों की बात करता है यह नाटक नोबेल पुरस्कार विजेता फ्रांसीसी साहित्यकार अल्बेयर कामू की सुप्रसिद्ध कृति ‘जस्ट एसासिन्स’ का हिन्दी रूपान्तरण सुरेश भारद्वाज एवं दीपा साही ने किया।

अल्बेयर कामू - भारत में जिन विदेशी रचनाकारों को सबसे ज़्यादा पढ़ा जाता है, उनमें अल्बेयर कामू एक ऐसा नाम है, जिनकी रचनाओं का भारत की विभिन्न भाषाओं में अनुवाद हुआ है। 1957 में नोबल पुरस्कार से सम्मानित कामू 7 नवम्बर, 1913 को अल्जी़रिया के कृषि मज़दूर पिता के घर में जन्मेI कामू ने शुरुआत में अत्यन्त संघर्षपूर्ण जीवन जीया। जन्म को एक साल भी नहीं हुआ था कि पिता की युद्ध में मृत्यु हो गयी। माँ की एक हादसे में सुनने-बोलने की क्षमता आधी रह गयी थी। लेकिन विधवा माँ ने अपने इस इकलौते सपूत के पालन-पोषण में कोई कमी नही रखी। कामू ने छात्रवृत्ति से अपनी शिक्षा जारी रखी। कई क़िस्म की छोटी-मोटी नौकरियाँ करते हुए वे एक अख़बार के सम्पादक बने। 22 बरस की उम्र में दर्शनशास्त्र की शिक्षा प्राप्त करते ही दर्शनशास्त्र पर लिखे लेखों की पुस्तक प्रकाशित हुई तो अल्जीरिया में एक लेखक के रूप में कामू की ख्या‍ति फैल गयी।रूपान्तरकार - दीपा साही‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ की एक पूर्व छात्रा, दीपा साही ने जब अपने थिएटर करियर के साथ शुरुआत की, जिसमें मज़बूत वामपन्थी झुकाव और सामाजिक सक्रियता थी लेकिन उनकी उपलब्धि हमेशा स्वतन्त्र-दिमाग़ वाली और सशक्त महिला के रूप में उनकी भूमिका बनी रहेगी, जिसे उन्होंने अत्यधिक प्रशंसित धारावाहिक ‘तमस’ (1986) में निभाया था।

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