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Oraang Utaan

by Kabeer Sanjay
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788196219086
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 96
  • Original Price: INR 225.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): General

ओरांग उटान हम इन्सानों के सबसे क़रीबी रिश्तेदारों में शामिल हैं। जंगल के ऊँचे-ऊँचे वृक्षोंसे ही उनके जीवन की डोर जुड़ी होती है । फ़िलहाल उनका रहवास मलेशिया औरइंडोनेशिया तक सिकुड़ गया है। ख़ासतौर पर बोर्नियो और सुमात्रा के वर्षावनों में।ज़मीन से 60-70 फ़ीट की ऊँचाई पर पेड़ों पर ही उनकी जीवन-क्रिया चलती है। ज़मीन परआना उन्हें पसन्द नहीं । फल उनके भोजन का सबसे बड़ा हिस्सा होता है । ओरांग उटानबुद्धिमान प्राणी हैं। वे कुछ हद तक औज़ारों का भी प्रयोग करते हैं । मलय भाषा में ओरांगउटान का अर्थ जंगल में रहने वाला आदमी है यानी हमारे यहाँ के बनमानुष जैसा कुछ। पॉम ऑयल की खेती के लिए वर्षावनों को बुरी तरह से समाप्त किया जा रहा है । इसके साथ हीओरांग उटान का जीवन भी ख़तरे में पड़ा हुआ है। ज़रूरत इस संकट को समझने की है।

कबीर संजय10 जुलाई 1977 को इलाहाबाद में जन्मे कबीर संजय का मूल नाम संजय कुशवाहा है। पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से।इलाहाबाद (प्रयागराज ) के साहित्यिक-सांस्कृतिक माहौल का उन पर गहरा असर रहा है। कथाकार रवीन्द्र कालिया के सम्पादकत्व में इलाहाबाद से निकलने वाली साप्ताहिक पत्रिका 'गंगा यमुना' में उनकी पहली कहानी 1996 में प्रकाशित हुई। तब से ही 'तद्भव', 'नया ज्ञानोदय', 'पल प्रतिपल', 'लमही', 'कादम्बिनी', 'वर्तमान साहित्य', ‘इतिहास बोध’, ‘दैनिक हिन्दुस्तान' जैसे पत्र-पत्रिकाओं में कहानियाँ प्रकाशित होती रही हैं। 'नया ज्ञानोदय' में प्रकाशित कहानी पत्थर के फूल का लखनऊ में मंचन । समय-समय पर कविताएँ भी प्रकाशित होती रही हैं। कहानी संग्रह सुरखाब के पंख प्रकाशित। इस कहानी संग्रह पर प्रथम रवीन्द्र कालिया स्मृति सम्मान पुरस्कृत। वन्यजीवन पर चीता : भारतीय जंगलों का गुम शहज़ादा पुस्तक प्रकाशित। सोशल माध्यम फ़ेसबुक पर वन्यजीवन और पर्यावरण पर लोकप्रिय पेज जंगलकथा का संचालन । साहित्य के अलावा सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। फ़िलहाल, साहित्य और पत्रकारिता में रमे हुए हैं।

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