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Prathamik Chikitsa

by Shyam Sunder Sharma
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788185826493
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 224
  • Original Price: INR 400.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 221 grams
  • BISAC Subject(s): General

First AID प्राथमिक चिकित्सा—श्यामसुंदर शर्माप्राय: देखा गया है कि किसी घायल व्यक्ति या किसी रोगी की बिगड़ती अवस्था को देखकर हमारे हाथ-पाँव फूल जाते हैं, हम किंकर्तव्यविमूढ़ की अवस्था में खड़े एक दर्शक मात्र रह जाते हैं—यह हमारे अज्ञान का द्योतक है। यदि चिकित्सकीय उपचार की हमें तनिक भी जानकारी हो तो रोग को और बिगड़ने या संक्रमण आदि से बचाया जा सकता है। ऐसे रोगों में (यथा—दिल की बीमारी), जिनमें उपचार की प्रारंभिक सहायता में तनिक भी देरी किए जाने से रोगी की जान भी जा सकती है, प्राथमिक उपचार की भूमिका देवदूत सी है।प्राथमिक उपचार वह उपचार है, जो किसी दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अथवा किसी भयंकर रोग से अचानक पीड़ित हो जानेवाले व्यक्ति को तत्काल दिया जाता है। इसका उद्देश्य पीड़ित व्यक्ति के जीवन की रक्षा करना, उसे पीड़ा से राहत पहुँचाना, उसकी हालत को और अधिक बिगड़ने से रोकना तथा उसे पुन: स्वस्थ होने में मदद देना होता है। यह साधारण व्यक्ति द्वारा कुशल चिकित्सकीय सुविधाएँ उपलब्ध होने तक दिया जानेवाला ‘जीवनरक्षक उपचार’ है।सरल भाषा और सचित्र व्याख्या के साथ प्रस्तुत यह बहूपयोगी पुस्तक हर आयुवर्ग के पाठकों के लिए ही नहीं, हर परिवार के लिए संग्रहणीय है।

श्याम सुंदर शर्माजन्म : 8 दिसंबर, 1929 को।शिक्षा : आरंभिक शिक्षा जबलपुर (मध्य प्रदेश) में। कुछ वर्षों तक रसायन-शास्त्र में शोध करने के बाद हिंदी में विज्ञान-लेखन। सन् 1958 से 1989 तक (सेवानिवृत्त होने तक) ‘विज्ञान प्रगति’ (कौंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च की हिंदी विज्ञान मासिक) के संपादन से संबद्ध।प्रकाशन : विविध वैज्ञानिक और तकनीकी विषयों पर हिंदी के सैकड़ों लेख प्रकाशित और रेडियो वार्त्ताएँ प्रसारित। चालीस से अधिक लोकप्रिय पुस्तकों की रचना। कुछ पुरस्कृत पुस्तकें हैं—‘अनंत आकाश : अथाह सागर’, ‘सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिकी’, ‘प्रदूषण : कारण और निवारण’, ‘प्रवासी जीव-जंतु’, ‘सागर विज्ञान’, ‘सागर प्रदूषण’, ‘सागर से ऊर्जा’, ‘भूतापीय ऊर्जा’, ‘आओ मॉडल बनाएँ’, ‘घर बैठे मॉडल बनाओ’।सम्मान/पुरस्कार : ‘रहस्यमय रोचक सागर’ पर वैज्ञानिक और तकनीकी शब्दावली आयोग, भारत सरकार द्वारा ‘शिक्षा सम्मान’ पुरस्कार; वर्ष 2002 का ‘आत्माराम सम्मान’; तृतीय विश्‍व हिंदी सम्मेलन (1983) के अवसर पर ‘हिंदी वैज्ञानिक और तकनीकी प्रकाशन’ निदेशिका संकलित और प्रकाशित। विज्ञान परिषद्, इलाहाबाद द्वारा उत्कृष्‍ट संपादन हेतु सम्मानित।

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