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Pichhli Garmiyon Mein

by Nirmal Verma
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789360861766
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Rajkamal Prakashan
  • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 299.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 21 grams
  • BISAC Subject(s): General

निर्मल वर्मा की कहानियाँ अपने पात्रों को ‘लार्जर दैन लाइफ़’ नायक-नायिका नहीं बनातीं। उनके पात्र घटनाओं को जन्म नहीं देते, बल्कि जीवन के धीमे-धीमे बतियाते गलियारों में रहते हुए अस्तित्व के बहुत बारीक़ और अनिवार्य पहलुओं से जूझते हैं। ‘डेढ़ इंच ऊपर’, ‘पिता और प्रेमी’, ‘इतनी बड़ी आकांक्षा’ और ‘पिछली गर्मियों में’ जैसी अत्यन्त चर्चित और बहुपठित कहानियों से समृद्ध इस कहानी-संग्रह में निर्मल वर्मा की आठ कहानियाँ सकलित हैं। यह उनका तीसरा कहानी-संग्रह है जिसका पहला प्रकाशन 1968 में हुआ था। सूक्ष्म संकेतों से मनुष्य जीवन की गहन पीड़ा और भीतरी ख़ालीपन को अभिव्यक्त करनेवाली इन कहानियों में निर्मल जी ने अनुभव के नए आयामों का अन्वेषण किया है। भारतीय और यूरोपीय पृष्ठभूमि में अंकित मानव-नियति की ये कथाएँ समाज और संसार के कई अदेखे कोनों पर निगाह डालती हैं। मानव-सम्बन्धों के उलझाव को उनकी पूरी मार्मिकता के साथ उद्घाटित करनेवाले इस संग्रह को कथाकार के साथ साहित्य की भी नई उपलब्धि माना गया था। इसमें शामिल ‘डेढ़ इंच ऊपर’ कहानी का मंचन कई अभिनेता और रंग-निर्देशक एकल प्रस्तुति के रूप में करते रहे हैं।

निर्मल वर्मा निर्मल वर्मा हिन्दी कथा-साहित्य के अन्यतम हस्ताक्षर हैं। उनका जन्म 3 अप्रैल, 1929 को शिमला में हुआ। वे अपने मौलिक लेखन के लिए जितने लोकप्रिय रहे, उतने ही विश्व-साहित्य के अपने अनुवादों के लिए। वैचारिक चिन्तन और हस्तक्षेप के लिए भी समादृत। लेखन के लिए भारतीय ज्ञानपीठ, साहित्य अकादेमी की महत्तर सदस्यता और पद्मभूषण सहित अनेक पुरस्कार और सम्मान उन्हें मिले। भारत सरकार द्वारा 2005 में नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किये गये। उसी वर्ष 25 अक्तूबर को नई दिल्ली में देहावसान।

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