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Aandhiyo Dheere Chalo

by Dr. Kunwar Bechain
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9788181433310
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 128
  • Original Price: INR 100.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 3rd Edition
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

डॉ. कुँअर बेचैनपूरा नाम : कुँअर बहादुर सक्सेना पिता: श्री नारायण दास सक्सेना; माता : श्रीमती गंगा देवी जन्म तिथि : 1 जुलाई, 1942; जन्म स्थान : ग्राम उमरी, काँठ के पास, जिला मुरादाबाद (उ.प्र.) शिक्षा : एम. कॉम, एम. ए. (हिन्दी), पी-एच. डी. शिक्षा-दीक्षा स्थानः चन्दौसी, जिला मुरादाबाद, (उ.प्र.)सम्प्रति : (सेवानिवृत) रीडर एवम् अध्यक्ष हिन्दी-विभाग, एम.एम. एच. कॉलेज, गाजियाबाद (उ.प्र.)प्रकाशित रचनाएँ : गीत-नवगीत-संग्रह : पिन बहुत सारे (1972), भीतर साँकल : बाहर साँकल (1978), उर्वशी हो तुम (1987), झुलसो मत मोरपंख (1990), एक दीप चौमुखी (1997), नदी पसीने की (2005), दिन दिवंगत हुए (2005) ग़ज़ल-संग्रह : शामियाने काँच के (1983), महावर इंतज़ारों का (1983), रस्सियाँ पानी की (1987), पत्थर की बाँसुरी (1990), दीवारों पर दस्तक (1991), नाव बनता हुआ काज़ (1994), आग पर कंदील (1995), आँधियों में पेड़ (1996), आठ सुरों की बाँसुरी (1997), आँगन की अलगनी (1997), तो सुबह हो (2001), कोई आवाज़ देता है (2005) महाकाव्य : पांचाली (13 सर्ग प्रकाशित) कविता संग्रह : शब्द एक लालटेन (1996), नदी तुम रुक क्यों गईं (1996) उपन्यास : मरकत द्वीप की नीलमणि (1996) दोहा : दोहा सप्तपदी में संकलित (श्री देवेन्द्र शर्मा 'इन्द्र' जी द्वारा सम्पादित)। सैद्धान्तिक पुस्तक : गज़ल का व्याकरण (1996) कैसेट तथा सी.डी. : प्यार के छीटें, आहटें (कवि की आवाज़ में), ('पहली नज़र' के नाम एक और कैसेट जिसमें कवि की ग़ज़लों को प्रसिद्ध गायकं-युगल अनिल कांत एवं रीना कांत ने गाया है।), ('दस्तक' नाम से कैसेट, ग़ज़लें -कुँअर बेचैन, गायक-कुणाल मुखर्जी, उर्वशी सक्सेना) शोध: विभिन्न विश्वविद्यालयों से कवि के साहित्य पर आठ शोधकार्य हो चुके हैं तथा वर्तमान में अनेक विश्वविद्यालयों में शोध-कार्य चल रहे हैं।पाठ्यक्रमों के संकलन : बड़ौदा वि.वि., मेरठ वि. वि., महाराष्ट्र बोर्ड और गुजरात बोर्ड के पाठ्यक्रमों संकलित, चित्रकार के रूप में: 2001 में आरोही कला संस्थान, मुरादाबाद द्वारा कवि के रेखांकनों की प्रदर्शनी लगी। आयोजक-श्री जगदीप।विदेश यात्राएँ: मारीशस, रूस, इन्डोनेशिया, सिंगापुर, ओमान, अमेरिका, कनाडा, यू.के., दुबई, सूरीनाम, हॉलैंड।पुरस्कार एवं सम्मान : हिन्दी साहित्य एवार्ड, साहित्य भूषण, उ.प्र., हिन्दी संस्थान, इसी प्रकार देश-विदेश की लगभग दो सौ संस्थाओं द्वारा सम्मानित, परिवार पुरस्कार सम्मान, मुम्बई, राष्ट्रपति भवन में अभिनन्दन।

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