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Ab Garibi Hatao

by Sarveshwar Dayal Saxena
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789350000700
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 63
  • Original Price: INR 55.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 100 grams
  • BISAC Subject(s): General

शोषक की कुटिलता और अमानवीयता को 'ठोस' रूप में मंच पर मूर्तिमान करने के लिए मैंने ढाई-तीन फुटे शैलीकृत पुतलों का उपयोग किया था, जिनके सूत्र काले लबादों में ढँकी छायाओं के हाथों में थे। जबकि शोषित जन हाड़-मांस के सामान्य जन थे जो इन बौनों के सामने अधिकतर समय अपने घुटनों, पीठ या पेट पर घिसटने के लिए अभिशप्त थे। केवल जीवन की ललक में, संघर्ष के अहसास से पूरित क्षणों में ही वे 'तिरछे होकर' खड़े हो जाते थे। पुतलों और अभिनेताओं के बीच का व्यापार मंच पर अद्भुत नाटकीय तनाव की सृष्टि करता था।नाटक में प्रस्तुतीकरण की दृष्टि से अपार सम्भावनाएँ हैं-और कोई भी कल्पनाशील निर्देशक इसे कई रूपों में मंच पर प्रस्तुत कर सकता है।भानुभारती, निर्देशक

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना -जन्म : 15 सितम्बर, 1927कृतियाँ : लड़ाई, बकरी, अब गरीबी हटाओ (नाटक), हवालात (एकांकी संकलन), पीली पत्तियाँ (रेडियो रूपक), होरी धूम मच्यो री (छन्द-नृत्य नाटिकाएँ), कुआनो नदी, जंगल का दर्द, खूँटियों पर टँगे लोग, कविताएँ-1, कविताएँ -2, एक सूनी नाव (कविता-संग्रह), चर्चे और चर्खे (रिपोर्ताज), काठ की घंटियाँ (प्रतिनिधि संग्रह), कुछ रंग कुछ गन्ध ( यात्रा वृत्तान्त), सूने चौखटे, सोया हुआ जल (उपन्यास), क्षितिज के पार, बदला हुआ कोण, पराजय का क्षण (कहानी-संग्रह), अपना दाना (बाल कथाएँ), अनाप-शनाप, हाथी की पों, भौं भौं खों खों, लाख की नाक, कल भात आयेगा, बुद्ध की करुणा (बाल नाटक), बतूता का जूता, बिल्ली के बच्चे, मंहगू की टाई (बाल कविताएँ), सर्वेश्वरदयाल सक्सेना सम्पूर्ण गद्य रचनाएँ (चार खण्ड)।स्मृतिशेष : 24 सितम्बर, 1983

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