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Anubhav Ka Munh Peechhe Hai

by Ashok Shah
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789387648364
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 116
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): General

सत्य की ओर इंगित करने के अनेक माध्यम हो सकते हैं। उनमें से एक कविता भी हो सकती है। दुःखों का चित्रण, विवशताओं का विवरण, विसंगतियों की व्याख्या, व्यवस्था एवं अव्यवस्था अभिव्यक्ति भर ही कविता की विषय-वस्तु नहीं हो सकते। इन दिनों कविता के कण्टेण्ट की व्यापकता में बहुत विस्तार हुआ है। रोज़ी-रोटी की चिन्ता से मुक्ति के बाद साहित्य सेवा करने वाले वर्गों एवं व्यक्तियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इसीलिए कई नये विषयों पर ढंग-ढंग की कविताएँ लिखी जा रही हैं। कल्पना की उड़ान की जगह अनुभव की आसक्ति अधिक त्वरा के साथ पैर जमाती जा रही है। संवेदना के स्थान पर जीवन में विवेक और बुद्धि का अधिक प्रयोग हो रहा है। विचार खुलकर सामने आ रहे हैं और इसलिए संघर्ष तेज़ होता जा रहा है, जो सामाजिक न्याय की सीमा लाँघकर वैयक्तिक न्याय तक पहुँचना चाहता है। हम सब यही चाहते भी हैं कि हमारे साथ 'न्याय' हो, इस न्याय की कई परिभाषाएँ देश और काल पर आधारित हो सकती हैं। इस संकलन की अधिकांश कविताओं की भावभूमि भी दार्शनिकता की है।

अशोक शाह-जन्म: बिहार के सीवान में। शिक्षा : आई.आई.टी., कानपुर एवं आई.आई.टी, दिल्ली से शिक्षा प्राप्त करने के उपरान्त एक वर्ष तक भारतीय रेलवे इंजीनियरिंग सेवा में, 1990 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदार्पण कर मध्य प्रदेश के 16 से अधिक जिलों में विभिन्न पदों पर कार्य किया।अब तक सात कविता संग्रह प्रकाशित-माँ के छोटे घर के लिए (1996), उनके सपने सच हों (1999), समय मेरा घर है (2003), समय की पीठ पर हस्ताक्षर है दुनिया (2006), समय के पार चलो (2009), पिता का आकाश (2015), जंगल राग (2017)।पुरातत्त्व में रुचि होने के कारण पुरातात्त्विक खोज एवं शोध पर आधारित तीन पुस्तकें -The Grandeur of Granite: The Temples of Vyas Bhadora (2012), Vintage Bhopal (2010), Ashapuri, The Cradle of Paramara and Pratihara Art, Temples Unveiled (2014) प्रकाशित ।दर्शन एवं अध्यात्म पर आधारित पहली पुस्तक Total Eternal Reflection वर्ष 2016 में प्रकाशित। देश की तकरीबन सभी पत्र-पत्रिकाओं में कविताएँ, कहानियाँ प्रकाशित, अनियतकालीन लघु पत्रिका 'यावत्' का सम्पादन।

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