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Dayron Mein Phaili Lakeer

by Kishwar Naheed
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789352291229
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 88
  • Original Price: INR 100.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 150 grams
  • BISAC Subject(s): General

एक बुरी औरत की आत्मकथा से हिन्दी जगत में अपनी विशेष पहचान बनाये वाली पाकिस्तानी लेखिका किश्वर नाहिद का सम्बन्ध दरअसल उर्दू शायरी से रहा है। जीवन में संघर्ष और नैतिक दृष्टिकोण की वकालत करने वाली किश्वर ने जब अपने अहसास शायरी में बयाँ किये तो उर्दू शायरी में जैसे ज़लज़ला आ गया। ये वही समय था जब पाकिस्तान में जनरल ज़िया-उल-हक़ के फ़ौजी शासन का डंडा आम जनता के जीवन को त्रस्त कर रहा था। इसी समय में जब फ़हमीदा रियाज़, परवीन शाकिर, समीना राजा, शारा शगुफ़्ता और किश्वर नाहिद जैसी बेवाक महिला साहित्यकारों ने पाकिस्तानी शायरी के फलक पर दस्तक दी। इनके सबके अलग-अलग तेवर थे लेकिन एक बात सबमें समान थी कि सभी को अपने विषय की बोल्डनेस के साथ लगातार पाकिस्तान के संकुचित पुरुष सत्तात्मक साम्राज्य को चुनौती दे रही थी। किश्वर उर्दू शायरी में अपने समस्त बाग़ीना तेवर के सामने आयीं और देखते ही देखते ये बाग़ी तेवर उन लोगों के लिए राहत और सुकून का पैग़ाम लेकर आये जो एक घुटन भरी ज़िन्दगी से बाहर निकलने को बेताब थे। किश्वर प्रतीकों में नहीं जीतीं बल्कि ये बाग़ियाना बुरी औरत उनकी शायरी में आसानी से देखी जा सकती है जो धर्म, समाज, सत्ता, राजनीति से बेखौफ़ होकर युद्ध लड़ रही है और उसे किसी भी अच्छे-बुरे परिणाम की प्रतीक्षा नहीं है।

किश्वर नाहिद जन्म : 1940, जिला-बुलन्दशहर, हिन्दुस्तान। एक रिवायती परिवार में जन्म, विभाजन के दौरान परिवार लाहौर चला गया। किश्वर के परिवार में लड़कियों को लड़कों की तरह अधिकार हासिल नहीं थे इसलिए किश्वर की आरम्भिक शिक्षा घर पर हुई फिर अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री के लिए पंजाब विश्वविद्यालय गई। उनका पहला कविता संग्रह 'लबे गोया' 1968 में प्रकाशित हुआ। 'दस्त-ए-क़ैद' में लैला का सम्पादन किया इसमें अलग-अलग कवियों की रचनाएँ शामिल थी। पाकिस्तान के सर्वाधिक चर्चित अख़बार 'जंग' में इनके कॉलम लोकप्रिय हुए और बाद में 1991 में इन कॉलमों का संग्रह भी प्रकाशित हुआ। 'हम गुनाहगार औरतें' किश्वर नाहिद की चर्चित कविता है। इसके अनेकों विदेशी अनुवाद हुए हैं इसी के नाम से बाद में एक कविता संग्रह भी प्रकाशित है। अभी हाल ही में पाकिस्तान की लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस में इनकी 25 किताबों का संग्रह प्रकाशित हुआ है।

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