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Delhi Me Sangh Karya

by Ramesh Gupt 'Anil'
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789351866282
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 128
  • Original Price: INR 75.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 175 grams
  • BISAC Subject(s): General

विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आजादी से पूर्व और विभाजन के समय भी बहुत तेजस्वी था। उस कालखंड में संघ को कई महत्त्वपूर्ण दायित्व निभाने पड़े। धर्म के नाम पर इसलाम को अलग राष्ट्रीयता मानकर भारत का बँटवारा करवाया गया। देश सांप्रदायिक दंगों की आग में झुलस रहा था। ऐसे वातावरण में नई-नई आई आजादी, विशेष तौर पर माताओं और बहनों का सम्मान तथा परिवारों की संपत्ति की रक्षा, यह सब एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में संघ के असंख्य अनुशासित कार्यकर्ताओं ने सभी विषम परिस्थितियों में सकारात्मक भूमिका निभाई और राष्ट्रसेवा का महती कार्य किया। प्रसिद्धि परांगमुखता की पुरानी वृत्ति के कारण संघ के इस कर्तृत्व के इतिहास को अभी तक संकलित नहीं किया गया है। उस समय के बहुत सारे लोग दिवंगत हो गए हैं, स्मृतियाँ भी धुँधला रही हैं और उन घटनाओं के समग्र प्रमाण भी अब मुश्किल से मिलते हैं। इतिहास और सत्य के प्रति निष्ठा की यह माँग थी कि दिल्ली में संघ का इतिहास संकलित किया जाए और उसे व्यवस्थित करके पुस्तक के रूप में पाठकों के सामने लाया जाए। यह पुस्तक उसी अभाव की पूर्ति है। इतिहास हमारी धरोहर है। इस पुस्तक में उसे पूरी प्रामाणिकता से संरक्षित किया गया है।

जन्म : १ अक्तूबर, १९३४ को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के एक मध्यवर्गीय वैश्य परिवार में।कृतित्व : सन् १९४४ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। गांधी हत्या के आरोप में की जा रही गिरफ्तारियों के विरोध में सत्याग्रह में शामिल होने पर छह मास की सजा देकर दिल्ली केंद्रीय जेल भेज दिया गया। सन् १९५४ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने और पंजाब में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में नौकरी प्रारंभ की। ३-४ साल तक एम्स ऑफिसर्स एसोसिएशन के महामंत्री रहे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में भाग लेने पर नौकरी से निकाले गए। सन् १९७९ में भारतीय मजदूर संघ के मंत्री बने। दस साल तक दिल्ली प्रांत प्रौढ़ कार्यवाह रहने के बाद दिल्ली प्रांत सह कार्यवाह का दायित्व भी निभाया। सन् १९९२ में सेवा भारती दिल्ली के सह संगठन मंत्री का दायित्व मिला।संप्रति : विहिप के अंग ‘अखिल भारतीय मंदिर प्रबंधक’ संगठन के महामंत्री हैं।

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