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Hridaya Ki Parakh

by Acharya Chatursen
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789390900084
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Concepts / General

चैत्र मास का अंतिम दौर चल रहा था। वसंत का यौवन चतुर्दिक बिखरी हरीतिमा के अंग-प्रत्यंगों से फूट चला था। संध्या का समय था। चंद्रमा कभी बादलों के आवरण में मुँह छिपाता और कभी स्वच्छ नीलाकाश में खुले मुँह अठखेलियाँ सी करता फिरता। मैं भोजन के उपरांत अपने अनन्य मित्र बाबू सूर्यप्रताप के साथ अपने मकान की छत पर घूम-घूमकर इस दृश्य का आनंद लूट रहा था। मन उस समय इतना प्रफुल्ल था, किंतु मेरे मित्र के मन में सुख नहीं था। क्योंकि जब मैंने हँसकर सुंदर चंद्रमा की चपलता पर एक व्यंग्य छोड़ा, तो उन्होंने प्रशांत तारकहीन नीलाकाश की ओर हाथ फैलाकर उदास मुख, गंभीर वाणी और कंपित स्वर में कहा, “इस अस्थिर और श्रुद्र चंद्रमा की चपलता से अनुरंजित कहीं इस अनंत गांभीर्य की अमूर्त मूर्ति को मत भूल जाना।"

आचार्य चतुरसेनजन्म : 26 अगस्त, 1891 2 स्मृतिशेष: 2 फरवरी, 1960आचार्य चतुरसेन बहुमुखी प्रतिभा के धनी उस विराट् व्यक्तित्व का नाम है, जिसने आधी शताब्दी तक अनवरत रूप से, नाना विधाओं में साहित्य-सृजन किया। लगभग साढ़े चार सौ कहानियों के अतिरिक्त उन्होंने 40 उपन्यास, 10 नाटक, 10 एकांकी तथा प्रभूत मात्रा में गद्य-काव्य के साथ ही समाज, राजनीति, धर्म, स्वास्थ्य और चिकित्सा आदि विषयों के वृहदाकार ग्रंथों की रचना भी की। उनकी पुरस्कृत रचनाओं और अन्य भाषाओं में हुए अनुवादों की सूची लंबी है। उनकी बहुप्रशंसित एवं क्लासिक स्तर की रचनाओं में वैशाली की नगरवधू’, ‘वयं रक्षामः’, ‘सोना और खून’, ‘गोली’, ‘सोमनाथ’, ‘आरोग्य शास्त्र’ आदि प्रमुख हैं। अंग्रेजी राज्य में सरकार द्वारा जब्त की गई उनकी आठ रचनाओं में—‘सत्याग्रह और असहयोग’ तथा ‘चाँद’ का फाँसी-अंक बहुत प्रसिद्ध हैं। चतुरसेन-साहित्य पर अनेक विश्वविद्यालयों में विद्वानों ने शोधकार्य किया तथा कई शोधग्रंथ प्रकाशित हो चुके हैं।

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