Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Jammu-Kashmir Ki Lokkathayen

by Gauri Shanker Raina
Sold out
Current price ₹175.00
Original price ₹250.00
Original price ₹250.00
Original price ₹250.00
(-30%)
₹175.00
Current price ₹175.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355210364
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

जम्मू-कश्मीर में किस्से-कहानियों को सुनाने की परंपरा पुरानी है। ‘कथासरितसागर’ को कश्मीर में ही रचा गया था। इसके रचनाकार महाकवि सोमदेव ने जहाँ बैतालपचीसी, किस्सा तोतामैना तथा सिंहासनबत्तीसी के कथानक इसमें समेट लिये, वहीं भारतीय परंपराओं और संस्कृति को प्रस्तुत किया है। कश्मीर के राजा अनंतदेव के शासन काल में सोमदेव ने इसकी रचना रानी सूर्यमती के कहने पर 1070 ई. में की थी।विश्व के लोक-साहित्य में विचारों से भरे-पूरे और उत्कृष्ट माने जानेवाले जम्मू-कश्मीर की लोककथाओं का साहित्य सुननेवालों और प्राच्यविदों को वर्षों से प्रभावित करता आ रहा है। इन मौखिक कथाओं को कागज पर उतारने का उपक्रम 19वीं सदी में शुरू हुआ था।ये कथाएँ संस्कृति और समाज का परिदृश्य प्रस्तुत करने के साथ ही देवी-देवताओं, राजा-रानियों तथा साधारण व्यक्तियों के चरित्रों को प्रस्तुत करती हैं और संदेश भी देती हैं। ये लोककथाएँ प्रेरणादायक भी हैं और मनोरंजक भी।

गौरीशंकर रैणाजन्म : 5 फरवरी, 1054 (श्रीनगर)लेखक, अनुवादक एवं फिल्मकार हैं। हिंदी में पी-एच.डी.; फिल्म टी.वी. संस्थान, पुणे से कार्यक्रम निर्माण तकनीक में प्रशिक्षण, टेलीविजन ट्रेनिंग सेंटर, बर्लिन तथा एशियन मीडिया कम्युनिकेशन सेंटर, सिंगापुर से टेलीविजन नाटकों के निर्देशन में प्रशिक्षण एवं मास मीडिया में स्नातकोत्तर डिप्लोमा। मौलिक लेखन तथा अनुवाद की लगभग 16 पुस्तकें प्रकाशित-प्रशंसित। कहानियाँ, लेख तथा नाटक आदि देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित। जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादेमी द्वारा पुरस्कृत, लोक सेवा प्रसारण पुरस्कार, केंद्रीय हिंदी निदेशालय द्वारा हिंदीतर भाषी हिंदी लेखक पुरस्कार, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा सौहार्द सम्मान सहित कई पुरस्कार-सम्मान प्राप्त। हिंदी में 25 टेलीफिल्मों तथा एकल नाटकों का निर्माण एवं निर्देशन, एन.एफ.डी.सी. की फिल्मों के लिए संवाद लेखन, दूरदर्शन के कार्यक्रम ‘सबद निरंतर’ के 200 एपिसोडों का निर्माण, निर्देशन एवं प्रसारण।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला-केंद्र के मीडिया सेंटर के पूर्व नियंत्रक। साहित्य अकादेमी के कश्मीरी परामर्श मंडल के सदस्य हैं।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us