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Jatayu

by Mahashweta Devi
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789352296187
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 112
  • Original Price: INR 295.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 3rd Edition
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): General

महाश्वेता देवी के उपन्यास का मतलब ही है, कोई भिन्नतर स्वाद ! किसी भिन्न जीवन की कथा ! उनकी कथा- बयानी में न कोई ऊपरी-ऊपरी घटना होती है, न कोई हल्की-फुल्की घटना या कहानी । ज़िन्दगी के बिल्कुल जड़ तक पहुँच जाने की कथा ही वे सुनाती हैं। वह कहानी मानो कोई विशाल वृक्ष है। कहानी के नीचे बिछी पर्त-दर-पर्त मिट्टी को उकेरकर, बिल्कुल जड़ से महाश्वेता अपना उपन्यास शुरू करती हैं और पेड़ के सुदूरतम फुनगी तक पहुँच जाती हैं। बीवी दीदी इस उपन्यास में मूल चुम्बक ! उन्हीं से जुड़े उभरे हैं, वाणी, हाबुल, हरिकेश, सतु'दा जैसे कई-कईपात्र ! दरअसल, जटायु उपन्यास में जितनी घटनाएँ हैं, उससे कहीं ज़्यादा रिश्तों की खींचतान ! दो चरित्रों के आपसी रिश्ते ! यह सोच-सोचकर हैरत होती है कि उसी बीवी दीदी को उनके पिता, उनके विवाहित जीवन में सुखी नहीं देख पाये । उधर बीवी दीदी यानी रमला हैं, वे ज़िन्दगी में कभी भी अपनी देह, अपने पति के सामने बिछा नहीं पायीं! ऐसी जटिलता आख़िर क्यों? वैसे इस तरह की जटिलता, इन्सान के अन्दर ही बसी होती है ! इन्सान के अवचेतन में! उन्हीं अवचेतन दिलों की कहानी और मर्द औरत के आपसी रिश्तों के बीच खींचतान की कहानी है-जटायु !

महाश्वेता देवी -बांग्ला की प्रख्यात लेखिका महाश्वेता देवी का जन्म 14 जनवरी 1926 को ढाका में हुआ। वह वर्षों बिहार और बंगाल के घने कबाइली इलाकों में रहीं। उन्होंने अपनी रचनाओं में इन क्षेत्रों के अनुभव अत्यन्त प्रामाणिकता के साथ उभारा है। कोमहाश्वेता देवी एक थीम से दूसरी थीम के बीच भटकती नहीं हैं। उनका विशिष्ट क्षेत्र है-दलितों और साधन-हीनों के हृदयहीन शोषण का चित्रण और इसी सन्देश को वे बार-बार सही जगह पहुँचाना चाहती हैं ताकि अनन्त काल से गरीबी रेखा से नीचे साँस लेनेवाली विराट मानवता के बारे में लोगों को सचेत कर सकें।गैर-व्यावसायिक पत्रों में छपने के बावजूद उनके पाठकों की संख्या बहुत बड़ी है। उन्हें साहित्य अकादेमी, ज्ञानपीठ पुरस्कार व मैग्सेसे पुरस्कार समेत अनेक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है।निधन : 28 जुलाई 2016, कोलकाता ।

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