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Kamleshwar Ki Lokpriya Kahaniyan

by Kamleshwar
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Book cover type: PaperBack
  • ISBN13: 9789390900794
  • Binding: PaperBack
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): General

भारतीय कथाकारों में कमलेश्वर की लोकप्रियता का कोई जवाब नहीं। न तो उनसे पहले, न ही उनके बाद वैसी लोकप्रियता किसी और को हासिल हो सकी। उन्होंने आरंभ में ही ‘दूरदर्शन’ में लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परिक्रमा’ शुरू किया। बाद में ‘दूरदर्शन’ के महानिदेशक भी बने। आँधी, मौसम, डाक बँगला, द बर्निंग ट्रेन, राम-बलराम जैसी सौ के करीब फिल्में और चंद्रकांता संतति जैसे तमाम सीरियल लिखनेवाले कमलेश्वर ने ‘सारिका’, ‘कथायात्रा’, ‘गंगा’ और ‘श्रीवर्षा’ जैसी पत्रिकाओं का संपादन किया। जीवन के आखिरी समय तक अखबारों में कॉलम लिखनेवाले कमलेश्वर की कलम उनके हाथ से कभी छूटी नहीं।कमलेश्वर की पहली कहानी ‘फरार’ सन् 1946 में कानपुर से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक ‘जय भारत’ में छपी थी, जबकि ‘कॉमरेड भारती’ सन् 1948 में छपी, जिसे उनकी पहली कहानी मान लिया गया था। उन्होंने ढेर सारी कहानियाँ लिखीं, जिनमें से उनकी कुछ लोकप्रिय कहानियाँ इस संग्रह में प्रस्तुत हैं। कहानियाँ अलग-अलग आस्वाद लिये हुए हैं। आशा है सुधी पाठकों को ये कहानियाँ रुचेंगी और अपनी सी लगेंगी।

जन्म ः 6 जनवरी, 1932 को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में।शिक्षा ः 1954 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी साहित्य में एम.ए.।कृतित्व ः बीसवीं शती के सबसे सशक्त लेखकों में से एक। 12 उपन्यास, 17 कहानी-संग्रह और करीब 100 फिल्मों की पटकथाएँ लिखीं। उनके कई उपन्यास/कहानियाँ जैसे आगामी अतीत, काली आँधी, एक सड़क सत्तावन गलियाँ, डाक बंगला और तलाश आदि पर फिल्में भी बनीं। आँधी, मौसम, सारा आकाश, रजनीगंधा, मिस्टर नटवरलाल, सौतन, लैला, राम-बलराम, अमानुष, साजन बिना सुहागन आदि पटकथाएँ उनकी कलम से ही लिखी गई थीं। उन्होंने लोकप्रिय टी.वी. सीरियल ‘चंद्रकांता’ के अलावा ‘दर्पण’, ‘एक कहानी’, ‘युग’, ‘बेताल’ और ‘रेत पर लिखे नाम’ जैसे धारावाहिकों की पटकथा भी लिखी। कई वृत्तचित्रों और कार्यक्रमों का निर्देशन भी किया, जैसे ‘परिक्रमा’, ‘जलता सवाल’, ‘बंद फाइल’, ‘कश्मीर’ व ‘अयोध्या’ आदि।सम्मान-पुरस्कार ः 2006 में पद्मभूषण और 2003 में ‘कितने पाकिस्तान’ के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार प्राप्त। ‘सारिका’, ‘कथा-यात्रा’ ‘जागरण’ और ‘दैनिक भास्कर’ पत्र-पत्रिकाओं के संपादक भी रहे। दूरदर्शन के अतिरिक्त महानिदेशक जैसा महत्त्वपूर्ण दायित्व भी निभाया।

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