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Kargil: Ek Yatri Ki Zubani

by Rishi Raj
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355211651
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 184
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

लेखक ऋषि राज को दो बार कारगिल जाने का अवसर प्राप्त हुआ है। अपनी इन यात्राओं के दौरान उन्होंने उन जगहों को बहुत नजदीक से देखा, जहाँ हमारे वीर शहीदों के बलिदान की अमर गाथा लिखी गई।द्रास, कारगिल, काकसर और बटालिक के इलाके मूक गवाह हैं, हमारे जवानों द्वारा प्रदर्शित शौर्य और पराक्रम के। यह पुस्तक संकलन है उन भावों का, जो लेखक ने इन जगहों पर जाकर इतिहास के पन्नों को पलटकर हासिल किए हैं। यह तो आप जानते ही हैं कि कारगिल युद्ध परिणाम था पाकिस्तान द्वारा धोखे से हमारे सीमाक्षेत्र में घुसपैठ करने का, जिसके परिणाम स्वरूप वो हमारी 150 किलोमीटर लंबी सीमा पर 160 चौकियों पर काबिज हो गया। जबकि वर्षों से दोनों देशों में एक मूक सहमति थी कि सर्दियों में दोनों ही देश इन चौकियों को खाली रखेंगे।परंतु पाकिस्तान ने हमेशा की भाँति भारत को धोखा दिया। पाकिस्तान के तत्कालीन सेनाध्यक्ष परवेज मुशर्रफ भारत से सियाचिन का बदला लेना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने कारगिल युद्ध की व्यूह रचना कर डाली। भारत के शूरवीर सैनिकों ने विषम परिस्थितियों के बावजूद पाकिस्तान को भारत भूमि से खदेड़कर बाहर कर दिया।यह पुस्तक मिश्रण है—ऐतिहासिक तथ्यों, भावनाओं, कारगिल वीरों की पराक्रम गाथा का और एक पुण्य प्रयास है शहीदों के बलिदान की स्मृति को जागृत रखने का। आशा है, यह प्रयास आपको अवश्य पसंद आएगा। जय हिंद

4 सितंबर, 1975 को दिल्ली में जन्मे ऋषि राज भारत सरकार के परिवहन क्षेत्र से जुड़े सार्वजनिक उपक्रम में संयुक्त महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। सन् 1994 में भारतीय रेल की सेवा में नियुक्ति से भारत भ्रमण की शुरुआत हुई। अभी तक देश के 36 में से 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भ्रमण कर चुके हैं। वैश्विक तौर पर एशिया एवं यूरोप के कुल सात देश घूम चुके हैं।सन् 2012 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा के अनुभवों पर पहली पुस्तक ‘कैलाश दर्शन : कुछ यादें, कुछ बातें’ से लेखन शुरू किया। इस पुस्तक को भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने ‘राहुल सांकृत्यायन पुरस्कार’ से सम्मानित किया। सन् 2015 में पुस्तक ‘अतुल्य भारत की खोज’ और सन् 2017 में ‘देशभक्ति के पावन तीर्थ’ की रचना की। सन् 2018 में इसका अंग्रेजी संस्करण ‘Patriotic Pilgrimage of India’ आया। सन्ï 2019 में ‘एक भारतीय की जापान यात्रा’ प्रकाशित हुई, जो इनकी जापान भ्रमण पर आधारित है। अभी तक देशभक्ति व पर्यटन स्थलों से जुड़े करीब 80 वीडियो का भी निर्माण कर चुके हैं, जो इनके यू-ट्यूब चैनल Exploring India with Rishi पर उपलब्ध हैं।

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