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Kuchh Yun Hua Us Raat "कुछ यूँ हुआ उस रात"

by Pragati Gupta
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355218728
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 136
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 150 grams
  • BISAC Subject(s): General

प्रगति गुह्रश्वता की कहानियाँ केवल घटनाएँ नहीं सुनातीं, वरन जीवन को समझने की प्रक्रिया में उसके अर्थ समझाती चलती हैं। 'समर अभी शेष है कहानी में प्रेम कासुखद अहसास है तो वहीं हर व्यक्ति का जीवन उसके निमित्त कर्म और उनसे जुड़ी यात्रा है।प्रगति गुह्रश्वता की कहानियों में रिश्तों की पड़ताल बहुत गहरे तक होती है। उनकी कहानी 'अधूरी समाह्रिश्वत प्रेम के खूबसूरत मुकाम तक पहुँचने से पहले कहीं समाह्रश्वत हो जाती है। सवाल वही है कि क्या निमित्त को स्वीकारने के अलावा भी कोई और विकल्प हो सकता है।कुछ स्थितियाँ परिवार, समाज के हालात पर सवालिया निशान खड़े कर देती हैं।जैसे 'कुछ यूँ हुआ उस रात... की एक फोन कॉल। स्त्री का उम्रभर का संघर्ष, अस्तित्व और अस्मिता की लड़ाई।किताबों का इनसान से बढ़कर हमसफर बन जाना और उथले सुखों का दलदल-सा महसूस होना, महसूस करवाती हैं कहानियाँ—'कोई तो वजह होगी..., 'खामोश हमसफर और 'पटाक्षेप।रिश्तों के बनने-टूटने, आसक्तियों और मोह का टूटना, संस्कारों का अभाव जैसे बहुत से विषय इस संकलन की कहानियों के विशिष्ट मुद्ïदे हैं।प्रगति गुह्रश्वता की कहानियों के विषय वैविध्य को स्थापित करते हैं 'फिर...अपने लिए, 'वह तोड़ती रही पत्थर, 'सपोले, 'कल का क्या पता जैसी कहानियाँ।

जन्म : 24 सितंबर, 1966, आगरा।शिक्षा : एम.ए. (गोल्ड मेडलिस्ट), आगरा विश्वविद्यालय आगरा।साहित्यिक उपलब्धियाँ : तुम कहते तो, शब्दों से परे, सहेजे हुए अहसास, अनुभूतियाँ प्रेम की (संपादन), मिलना मुझसे, सुलझे...अनसुलझे, माँ! तुम्हारे लिए, पूर्ण-विराम से पहले, भेद, स्टेपल्ड पर्चियाँ कहानी, उपन्यास, संस्मरण एवं काव्य-संग्रह। अनेक प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ और अनुवाद प्रकाशित। जयपुर दूरदर्शन से चर्चा व आकाशवाणी से सृजन का प्रसारण। कहानी-संग्रह 'स्टेपल्ड पर्चियाँ पर शोध। राजस्थान सिंधी अकादमी द्वारा 'स्टेपल्ड पर्चियाँ का सिंधी अनुवाद। विशिष्ट : 'कथाबिंब पत्रिका की क्षेत्रवार संपादक। 'दैनिक ट्रिब्यून के समीक्षक पैनल में। 'हस्ताक्षर वेब पत्रिका के लिए स्तंभ लेखन। अनेक प्रतिष्ïठत सम्मानों से अलंकृत।

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