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Madam Bhikaji Kama

by Rachna Bhola 'Yamini'
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789350484135
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 120
  • Original Price: INR 250.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 175 grams
  • BISAC Subject(s): Women

मैडम भीकाजी रुस्तम कामा भारतीय मूल की फ्रांसीसी नागरिक थीं, जिन्होंने लंदन, जर्मनी तथा अमेरिका का भ्रमण कर भारत की स्वतंत्रता के पक्ष में वातावरण बनाया। उनके द्वारा पेरिस से प्रकाशित ‘वंदेमातरम्’ पत्र प्रवासी भारतीयों में काफी लोकप्रिय हुआ। सन् 1909 में जर्मनी के स्टटगार्ट में हुई अंतरराष्‍ट्रीय सोशलिस्ट कांग्रेस में मैडम भीकाजी कामा ने कहा था—“भारत में ब्रिटिश शासन जारी रहना मानवता के नाम पर कलंक है। एक महान् देश भारत के हितों को इससे भारी क्षति पहुँच रही है।” लंदन में वे दादाभाई नौरोजी की निजी सचिव भी रहीं।भीकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर, 1861 को बंबई में एक पारसी परिवार में हुआ था। उनमें लोगों की मदद और सेवा करने की भावना कूट-कूटकर भरी थी। वर्ष 1896 में बंबई में प्लेग फैलने के बाद भीकाजी ने इसके मरीजों की सेवा की।आजादी की लड़ाई में सक्रिय रहकर उन्होंने अपने सहयोगियों स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर और श्यामाजी कृष्ण वर्मा की मदद से भारत के ध्वज का पहला डिजाइन तैयार किया। वे जर्मनी के स्टटगार्ट नगर में 22 अगस्त, 1907 में हुई सातवीं अंतरराष्‍ट्रीय कांग्रेस में तिरंगा फहराने के लिए सुविख्यात हैं। वह अपने क्रांतिकारी विचार अपने सामाचर-पत्र ‘वंदेमातरम्’ तथा ‘तलवार’ में प्रकट करती थीं। मैडम कामा की लड़ाई दुनिया भर के साम्राज्यवाद के विरुद्ध थी। उनके सहयोगी उन्हें ‘भारतीय क्रांति की माता’ मानते थे। वह ‘भारतीय राष्‍ट्रीयता की महान् पुजारिन’ के नाम से भी विख्यात थीं। 13 अगस्त, 1936 को उनका निधन हो गया।

शिक्षा : एम.ए. (हिंदी), पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा।रचना संसार : जीवनी साहित्य की बारह पुस्तकें, लगभग बीस पुस्तकों का अनुवाद; प्रयास (उपन्यास), याज्ञसेनी (लघुकथा संग्रह); हिंदुत्व, पत्र और पत्रकारिता, प्रदूषण मुक्‍त पर्यावरण, क्या है विदुर नीति में, हमारे प्रेरणा-स्रोत, भारतीय संतों की अमर गाथा, गृहिणी—एक सुपर वूमन, जयंतियाँ और दिवस, हिंदी पत्रकारिता, नॉस्‍‍त्रेदेसम की विचित्र भविष्यवाणियाँ, तिल रहस्य व हाव-भाव विचार (विविध विषय); विशाल भारत की लोककथाएँ, महान् भारतीय संस्कृति, विशाल भारत को जानें, रामायण की प्रेरक कथाएँ, रामायण की पौराणिक कथाएँ, रामायण की शिक्षाप्रद कथाएँ, बीरबल श्रृंखला, हितोपदेश श्रृंखला, पंचतंत्र श्रृंखला, विक्रम-वेताल श्रृंखला, महाभारत की कथाएँ (बालोपयोगी)। नवसाक्षर बाल साहित्य, विविध पाठ्य-पुस्तकों का अनुवाद व संपादन, विविध फेयरी टेल्स व क्लासिक चिल्ड्रन बुक्स का अनुवाद।

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