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Mere aaka

by Tehmina Durrani
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9788170559863
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 360
  • Original Price: INR 295.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 4th Edition
  • Item Weight: 400 grams
  • BISAC Subject(s): General

पाकिस्तान के एक प्रभावशाली परिवार में जन्मीं तहमीना दुर्रानी का पालन-पोषण लाहौर के कुलीन समाज के बीच हुआ। अपने समाज की अन्य औरतों की तरह तहमीना से भी उम्मीद की जा रही थी कि वह किसी अमीर और प्रतिष्ठित मुसलमान की बीवी बने, उसके लिए ढेरों बच्चे पैदा करे और ऐशो-आराम की जिन्दगी बिताये।पाकिस्तान के सबसे प्रतिष्ठित राजनेताओं में से एक मुस्तफाखार से हुई तहमीना की शादी जल्दी ही एक दुःस्वप्न में बदल गयी। ईर्ष्यालु, दम्भी और संकीर्ण प्रवृत्ति के मुस्तफाखार ने तहमीना को बाकी दुनिया से पूरी तरह काट कर घर की चार दीवारी में एक तरह से कैद कर दिया था। चौदह साल तक वह खामोशी से यह सब सहती रहीं। जब उन्होंने हालात से विद्रोह करने का फैसला किया तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। एक तलाकशुदा मुस्लिम औरत की तरह उन्हें पति की धन-दौलत से अधिकार छोड़ना पड़ा। अपने चार बच्चों पर भी तहमीना का कोई हक नहीं रहा। माता-पिता ही नहीं बल्कि दोस्तों ने भी तहमीना को अलग-थलग कर दिया। उन्हें हिकारत की नजरों से देखने लगे ।जब यह पुस्तक प्रकाशित हुई तो पाकिस्तान समाज की जड़ें तक हिल गयीं। आखिर कोई तो इन अन्धविश्वासों और आस्थाओं के बीच महिला अधिकारों की बात उठाने में सफल हुआ। तहमीना दुर्रानी की कहानी संकीर्ण मुस्लिम समाज के जाल में फँसी महिला की स्थिति को उजागर करती है

तहमीना दुर्रानी इटली का प्रतिष्ठित मारिसा बेलासारियो सम्मान पाने वाली बहुचर्चित आत्मकथात्मक कृति 'माई फ्यूडल लार्ड' की लेखिका हैं। बाईस भाषाओं में इसका अनुवाद हो चुका है। तहमीना ने अब्दुल सत्तार इदी की जीवनी 'ए मिरर टु द ब्लाइंड' भी लिखी है। 'ब्लासफेमी' उनका पहला उपन्यास है। लाहौर (पाकिस्तान) में रहने वाली तहमीना ने इस उपन्यास के माध्यम से इस्लाम की ठेकेदारी करने वाले पीरों के कारनामों का पर्दाफाश किया है।

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