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Meri Bhav Badha Haro Novel By Rangeya Raghav

by Rangeya Raghav
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789349116627
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 152
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

मेरी भाव बढ़ा हरो का कथानक, नायक की आंतरिक और बाहरी संघर्षों का चित्रण करता है। यह उपन्यास पाठक को एक ऐसी यात्रा पर ले जाता है जहाँ वह अपने अस्तित्व, अधिकारों, और जीवन के उद्देश्य के बारे में सोचने पर मजबूर होता है। उपन्यास में मानवता, प्रेम, और साहस के प्रेरक संदेशों को प्रस्तुत किया गया है।यह उपन्यास भारतीय समाज की जटिलताओं और बदलती हुई सामाजिक स्थितियों पर एक गहरा विचार करता है, और इसमें संघर्षशील नायकों के माध्यम से समाज के तमाम पहलुओं को उजागर किया गया है।

रांगेय राघव17 जनवरी, 1923 को आगरा में जन्म । मूल नाम टी.एन.वी. आचार्य (तिरुमल्लै नंबाकम् वीर राघव आचार्य) । शिक्षा आगरा में। सेंट जॉन्स कॉलेज से 1944 में स्नातकोत्तर और 1948 में आगरा विश्वविद्यालय से गुरु गोरखनाथ पर पीएच.डी. । हिंदी, अंग्रेजी, ब्रज और संस्कृत भाषाओं पर असाधारण अधिकार। 13 वर्ष की आयु में लेखनारंभ । 23-24 वर्ष में अकालग्रस्त बंगाल की यात्रा के बाद लिखे रिपोर्ताज 'तूफानों के बीच' से चर्चित ।साहित्य के अतिरिक्त चित्रकला, संगीत और पुरातत्त्व में विशेष रुचि । साहित्य की प्रायः सभी विधाओं में सिद्धहस्त। मात्र 39 वर्ष की आयु में कविता, कहानी, उपन्यास, नाटक, रिपोर्ताज के अतिरिक्त आलोचना, सभ्यता और संस्कृति पर शोध व व्याख्या के क्षेत्रों को 150 से भी अधिक पुस्तकों से समृद्ध किया। अपनी अद्भुत प्रतिभा, असाधारण ज्ञान और लेखन-क्षमता के लिए सर्वमान्य अद्वितीय लेखक । आजीवन स्वतंत्र लेखन । अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत विभिन्न कृतियाँ अन्य भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित और प्रशंसित ।स्मृति शेष : 12 सितंबर, 1962 ।

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