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Muslim Mahila Ratan

by Adhyapak Zahoorbaksh
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788188599824
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 118
  • Original Price: INR 350.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

मुस्लिम महिला रत्न - इस पुस्तक में मध्यकालीन भारतीय इतिहास और जीवन से चुनकर ऐसे बारह मुस्लिम नारी चरित्रों का आख्यान प्रस्तुत किया गया है, जिन्होंने मानव जीवन के ऊँचे आदर्शों और जातीय गौरव की रक्षा के लिए आत्म-बलिदान तक देने में संकोच नहीं किया। इन मुस्लिम महिलाओं में रज़िया बेगम, नूरजहाँ, चाँद बीबी जैसे जाने-माने ऐतिहासिक चरित्र तो हैं ही, शाहजहाँ की दो बेटियों जहाँआरा, रोशनआरा, दाराशिकोह की पत्नी नज़ीरुन्निसा, औरंगज़ेब की बेटी ज़ेबुन्निसा और बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला की पत्नी लुत्फुन्निसा जैसी ये महिलाएँ भी अपने समूचे व्यक्तित्व के साथ सजीव हुई हैं, जिनका इतिहास के मोटे-मोटे पोथों में नामोल्लेख-भर हुआ है। इनके अतिरिक्त गुलशन, फूलजानी बेगम, रूपवती बेगम और बीदर की बेगम जैसी वे मुस्लिम महिलाएँ भी यहाँ हमारे ज्ञान की परिधि में आती हैं, जो लिखित इतिहास की तारीखों में तो दर्ज नहीं हो पायीं, लेकिन जो लोक की स्मृति और संवेदना में आज भी रची-बसी हुई हैं। इन महिलाओं के आख्यान प्रस्तुतः करते हुए लेखक ने जहाँ वृत्तान्त और लोकानुरंजन को पहली शर्त माना है, वहीं यह भी स्मरण रखा है कि उन्हें पाठक को, जो जातीय जीवन और समाज का अंग है, कुछ देना है। इसीलिए, ऐतिहासिक तथ्यों से बिना किसी प्रकार की छेड़छाड़ किये, वे अपने वर्तमान पर भी गहरी दृष्टि रखते हैं।

ज़हूर बख्श - जन्म सन् 1899, सागर (मध्य प्रदेश) पेशे से अध्यापक, लेखन के क्षेत्र में भी अध्यापक ज़हूर बख्श के रूप में साहित्यिक पहचान बनी चुस्त और मुहावरेदार खड़ी बोली के सिद्धहस्त लेखकों में आपकी गणना होती थी और मूलतः पारिवारिक वृत्त के लेखक के रूप में प्रसिद्ध हुए।रचनाएँ: कुल प्रकाशित रचनाओं की संख्या 175। कुछ प्रमुख कृतियों के नाम इस प्रकार हैं: मज़ेदार कहानियाँ (1922), मनोरंजक कहानियाँ (1926), समाज की चिनगारियाँ (1928), स्फुलिंग (1930), हवाई कहानियाँ (1935), शबनम (1950), हम पिरशीडंट हैं (1955), गुलिस्तां: शेख़सादी (1956)। 'शबनम' का अनुवाद रूसी भाषा में भी हुआ। निधन: लगभग 90 वर्ष की उम्र में।

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