Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Paanch Behatreen Kahaniyan

by Rabindranath Tagore
Save 32% Save 32%
Current price ₹51.00
Original price ₹75.00
Original price ₹75.00
Original price ₹75.00
(-32%)
₹51.00
Current price ₹51.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789350723296
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 102
  • Original Price: INR 75.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 150 grams
  • BISAC Subject(s): General

पाँच बेहतरीन कहानियाँ - "दुनिया में जन्म लेकर जिस लड़के को बचपन में ही गुमसुम भला आदमी बनना पड़े, कभी-कभी एकदम सोच-विचार को छोड़ कर आज़ादी जिसकी किस्मत में न जुटे, ख़ुश होकर शरारत दिखाना या दुख पाकर रोना, इन दोनों को ही जिसे दूसरे लोगों की असुविधा और नाराज़गी के डर से उस छोटी उम्र में ही सोच-सोचकर दबाकर रखना पड़े, उसके समान दया का पात्र, फिर भी दया पाने में असफल दुनिया में और कौन है!"

रवीन्द्रनाथ टैगोर - रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्मं 7 मई, सन् 1861 को कोलकाता में हुआ था। रवीन्द्रनाथ टैगोर एक कवि, उपन्या सकार, नाटककार, चित्रकार, और दार्शनिक थे। रवीन्द्रनाथ टैगोर एशिया के प्रथम व्यपक्ति थे जिन्हें नोबल पुरस्काकर से सम्मा नित किया गया था। वे अपने माता-पिता की तेरहवीं सन्तान थे। बचपन में उन्हेंै प्यायर से 'रबी' पुकारा जाता था। आठ वर्ष की उम्र में उन्होंैने अपनी पहली कविता लिखी, सोलह साल की उम्र में उन्होंरने कहानियाँ और नाटक लिखना प्रारम्भ कर दिया था। अपने जीवन में उन्हों ने एक हज़ार कविताएँ, आठ उपन्याोस, आठ कहानी संग्रह और विभिन्नह विषयों पर अनेक लेख लिखे। इतना ही नहीं रवीन्द्रनाथ टैगोर संगीत प्रेमी थे और उन्होंकने अपने जीवन में 2000 से अधिक गीतों की रचना की। उनके लिखे दो गीत आज भारत और बांग्लानदेश के राष्ट्र गान हैं। टैगोर केवल महान रचनाधर्मी ही नहीं थे, बल्कि वे पहले ऐसे इन्सान थे जिन्होंने पूर्वी और पश्चिमी दुनिया के मध्य सेतु बनने का कार्य किया था। टैगोर केवल भारत के ही नहीं बल्कि समूचे विश्व‍ के साहित्या, कला और संगीत के एक महान प्रकाश स्तम्भ हैं, जो अनन्तकाल तक प्रकाशमान रहेगा।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us