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Paramveer Albert Ekka: 1971 Ke Nayak

by Sanjay Krishna
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789355214836
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Romance / Military

सन 1971 के मार्च महीने से लेकर दिसंबर तक के नौ महीनों के मुक्तियुद्ध का परिणाम है बांग्लादेश। मार्च के महीने में ही स्थितियाँ बिगडऩी शुरू हो गई थीं। पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच कड़वाहट और तेज हो गई थी।यह कहानी उसी अल्बर्ट एक्का की है, जिस अल्बर्ट ने 1962 के चीन के साथ युद्ध में भाग लिया और 1971 के युद्ध में भी, लेकिन 1971 के युद्ध में वे शहीद हो गए। 44 साल बाद उनकी मिट्टी उनके गाँव आई और 46 साल बाद उनकी कथा लिपिबद्ध की जा रही है। इस दीर्घावधि सालों में शंख और महानंदा में न जाने कितना पानी बह गया। परमवीर के संगी-साथी उनके बचपन की यादें-बातें बताने को रहे नहीं। गाँव वैसा ही है, जैसा वे छोड़ गए थे। परमवीर का परिवार संघर्ष करते हुए आगे बढ़ता रहा।प्रस्तुत पुस्तक में डॉ. शिवप्रसाद सिंह का एक लेख, डॉ. धर्मवीर भारती का चर्चित यात्रा-वृत्तांत और एक रिपोर्ट भी है। इनके साथ ही विष्णुकांत शास्त्रीजी का एक रिपोर्ताज भी यहाँ दिया जा रहा है। इन रचनाओं से गुजरते हुए पाठक उस समय के कराह, द्वंद्व, संघर्ष और नरसंहार को भीतर तक महसूस कर सकेंगे। एक ही धर्म के माननेवाले कैसे एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। दुनिया में यह अकेला युद्ध था, जिसकी पृष्ठभूमि में धर्म नहीं, भाषा थी।धर्म के आधार पर बँटा यह देश भाषा के कारण अलग हो गया। 1971 के युद्ध के हीरो, बांग्लादेश बनाने में सहायक रहे जाँबाज परमवीर अल्बर्ट एक्का की रोमांचक और प्रेरक कहानी।

संजय कृष्ण—जन्म : जमानियाँ स्टेशन, गाजीपुर, (उत्तर प्रदेश) । शिक्षा : स्नातकोत्तर हिंदी, प्राचीन इतिहास एवं एम.जे.एम.सी. । लघु शोध-प्रबंध : गोपालराम गहमरी और हिंदी।पत्रकारिता : ' जमदगनी वीथिका' नामक पत्रिका का 1997 से 2005 तक संपादन व प्रकाशन। देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख-रिपोर्ट, समीक्षा आदि प्रकाशित।प्रकाशित कृतियाँ : झारखंड के पर्व-त्योहार, मेले और पर्यटन स्थल, 'हिंदी पत्रकारिता विविध आयाम'।संजीव चट्टोपाध्याय के ऐतिहासिक यात्रा-वृत्तांत 'पालामी' का हिंदी में 'पलामू' नाम से संपादन, हिंदी के पहले जासूसी कथाकार गोपालराम गहमरी के संस्मरण, झारखंड के मेले, यात्राओं में झारखंड, गोपालराम गहमरी की प्रसिद्ध जासूसी कहानियाँ, गोपालराम गहमरी पर मोनोग्राफ, भारत के रजत जयंती महाकुंभ विशेषांक का संपादन-प्रकाशन, महावीर पत्रिका का संपादन-प्रकाशन, सत्याग्रही महात्मा गांधीभवानी दयाल संन्यासी का संपादन प्रकाशन।पुरस्कार : 'झारखंड के पर्व-त्योहार, मेले और पर्यटन स्थल' पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से प्रथम राहुल सांकृत्यायन पर्यटन पुरस्कार।वर्तमान पता : कमल निवास, ललित महतो का मकान, तिरिल कोकर, राँची-834001 । मोबाइल : 09855710957

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