Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Rajendra Mohan Bhatnagar ki Lokpriya Kahaniyan

by Rajendra Mohan Bhatnagar
Sold out
Current price ₹105.00
Original price ₹150.00
Original price ₹150.00
Original price ₹150.00
(-30%)
₹105.00
Current price ₹105.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789351869061
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 150.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): Literary

प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मोहन भटनागर की ये कहानियाँ किसी कहानी-आंदोलन का हिस्सा नहीं हैं। ये वे कहानियाँ हैं, जिनका सीधा संबंध मानव के चित्त और व्यवहार के स्वभाव से है।ये कहानियाँ, जहाँ कबीर, सूर, रहीम, मीराँ आदि के मर्म से संबद्ध हैं, वहीं विवेकानंद, अरविंद, अंबेडकर आदि के अंदरूनी पक्ष के उद्घाटन में पहली बार पहल कर रही हैं।ये कहानियाँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं या आकाशवाणी के विभिन्न केंद्रों से प्रसारित होकर चर्चा के केंद्र में रही हैं।ये कहानियाँ जहाँ अपने समय के अन्याय, अत्याचार, सुख-दुःख, हर्ष-विषाद और प्यार-घृणा को उकेरती हैं, वहीं उनके मूल कारणों की ओर भी संकेत करती हैं।ये कहानियाँ व्यक्ति को अपने परिवार, मोहल्ले और समाज के दायित्व-बोध के अंतर्द्वंद्व को ईमानदारी से रेखांकित करती हैं और उनके चलते साधारण-से-साधारण घटनाओं से बनते चारित्रिक ‘ओरा’ का अनुभव कराने का प्रयास भी करती हैं।कुल मिलाकर पठनीयता और रोचकता से भरपूर हैं ये लोकप्रिय कहानियाँ।

जन्म : 2 मई, 1938, अंबाला कैंट (हरियाणा)।रचना-संसार : अनेक विधाओं को अपनी रचनाओं से समृद्ध किया है—‘नीले घोड़े का सवार’, ‘दिल्ली चलो’, ‘सरकार’, ‘गौरंग’, ‘कुली बैरिस्टर’, ‘विवेकानंद’, ‘सूरश्याम’, ‘युगपुरुष अंबेडकर’, ‘योगी अरविंद’, ‘माटी की पुकार’, ‘सनातन पुरुष’, ‘अंतर्यात्रा’, ‘न गोपी न राधा’, ‘परछाइयाँ’, ‘कायदे आजम’, ‘अंतिम सत्याग्रही’ (उपन्यास); ‘संध्या का भोर’, ‘सेनानी’, ‘रक्तध्वज’, ‘महाप्रयाण’ (नाटक); ‘अगस्त क्रांति’ ‘आज की ताजा खबर’, ‘गौरैया’, ‘माँग का सिंदूर’ (कहानी-संग्रह)।हिंदी साहित्य के ही नहीं, बल्कि विश्व साहित्य के अकेले ऐसे उपन्यासकार-नाटककार हैं, जिन्होंने एक ही ऐतिहासिक नायक पर अनेक उपन्यास-नाटक दिए हैं और वह भी कथानक, चरित्र, भाषाशैली आदि एक-दूसरे से सर्वथा भिन्न तथा जीवंत। उनमें से अनेक पुरस्कृत भी हुए हैं, यथा राजस्थान साहित्य अकादमी का सर्वोच्च मीरा पुरस्कार, हरियाणा साहित्य अकादमी का विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, महाराणा कुँवर पुरस्कार, नाहर साहित्य सम्मान, राजस्थान साहित्य अकादमी का विशिष्ट साहित्यकार सम्मान, घनश्यामदास सराफ सर्वोत्तम साहित्य पुरस्कार आदि।कुछ रचनाओं का अंग्रेजी, फ्रेंच, मलयालम, सिंधी, मराठी, गुजराती, कन्नड़ आदि भाषाओं में अनुवाद।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us