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Rasayanik Tathya : Vichitra Kintu Satya

by Sushila Rai
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789383110643
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 96
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 175 grams
  • BISAC Subject(s): Study & Test-Taking Skills

भारत की रोप ट्रिक ने पूरे विश्‍व को असमंजस में डाला हुआ है । आज भी मेले- ठेलों में भारतीय कलाकार जादू-टोनों और बाजीगरी के अद‍्भुत कारनामों से परंपरागत लोक-विज्ञान की परिपाटी को सजीव रखे हुए हैं। डुगडुगी बजाता हुआ मदारी कठौती में आम और अदृश्य गंगा की धार निर्मित करता हुआ अपनी आजीविका कमाता है । जिज्ञासु बालमन में ये सभी करतब कौतूहल की वृद्धि करते रहते हैं और बालक सदा गुरुजनों एवं पुस्तकों से इनका उत्तर पाने के लिए लालायित रहता है ।यह पुस्तक रसायन विज्ञान से संबंधित तथ्यों को उजागर कर यह बताने का सार्थक प्रयास है कि विचित्र खेल-तमाशे जादू-टोने नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों को हाथ की सफाई के द्वारा दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का एक मनोहारी तरीका है । पुस्तक के माध्यम से अंधविश्‍वास, जादू-टोना और ठगी के कारनामों का परदाफाश तो होगा ही, साथ ही बच्चों का ज्ञानवर्धन तथा विज्ञान के प्रति रुचि भी बढ़ेगी । बच्चे व वयस्क घर बैठे कोई-न-कोई वैज्ञानिक प्रयोग करने के लिए सदा प्रेरित होंगे । और कौन ऐसा व्यक्‍त‌ि होगा, जो अपने ड्राइंगरूम में रंग- बिरंगा काँच का बगीचा न उगाना चाहेगा?

लेखिका ने प्रारंभिक शिक्षा होशंगाबाद (म.प्र.) से ग्रहण कर सन‍् 1967 में जबलपुर विश्‍‍वव‌िद्यालय से रसायनशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्‍त की । इनका शोध-प्रबंध ' राजस्थान मरुभूमि के पादपों का रासायनिक परीक्षण-केर (डेले )के विशेष संदर्भ में ' उल्लेखनीय है ।विगत सत्ताईस वर्षों से रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन में महत्त्वपूर्ण शोधकार्यों में संलग्न हैं । विभिन्न पत्र- पत्रिकाओं में प्रकाशित इनके शोध पत्रों पर आधारित सारगर्भित लेख हिंदी में विज्ञान के प्रचार-प्रसार हेतु सराहनीय हैं ।उभरती हिंदी विज्ञान लेखिका को उत्कृष्‍ट लेखन के लिए अनेक राष्‍ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है । विज्ञान परिषद् प्रयाग द्वारा प्रदत्त डॉ. गोरख प्रसाद (प्रथम पुरस्कार 1986), डॉ. रत्‍नकुमारी स्मृति व्याख्यान ( 1992), केंद्रीय सचिवालय हिंदी परिषद् का प्रथम महिला पुरस्कार ( 1995) एवं राजभाषा कार्यान्वयन समिति का पुरस्कार इनमें प्रमुख हैं ।संप्रति : रक्षा प्रयोगशाला, जोधपुर में वरिष्‍ठ वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर कार्यरत तथा विभाग की गृह पत्रिक '? रग ' के संपादन से संबद्ध ।

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