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Saboot

by Arun Kamal
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789352295364
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 88
  • Original Price: INR 199.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 3rd Revised Edition
  • Item Weight: 150 grams
  • BISAC Subject(s): General

सबूत - सुपरिचित कवि अरुण कमल के इस दूसरे संग्रह में पिछले संग्रह - ' अपनी केवल धार' - के बाद की कविताएँ संकलित हैं। ये कविताएँ निश्चित रूप से उनकी पिछली कविताओं से सम्बद्ध हैं, जैसा कि हर व्यक्तित्ववान कवि के साथ होता है; साथ ही साथ ये वैचारिक तथा भावात्मक दोनों ही स्तरों पर कवि के रूप में उनके विकास को भी अंकित करती हैं। अब 'हरापन भी पककर स्याह हो गया है।'अरुण कमल की कविताओं की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यहाँ कुद भी नितान्त निजी या निपट सामाजिक नहीं है। व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों एक हो गये हैं । अरुण कमल के लिए निजी तथा सामाजिक या राजनीतिक प्रसंग एक-दूसरे से अभिन्न और अखण्ड हैं। उनकी कविता सम्पूर्ण मानव-स्थिति की कविता है। इसीलिए छोटे से छोटे विषय पर लिखी जाकर भी कविता अपने अर्थ दूर तक प्रक्षेपित करती है और बाह्य तरंगों को हर जीवन- कोशिका में सुना जा सकता है। व्यक्तिगत जीवन के सुख-दुख, 'हर कदम की मोच' से लेकर अफ्रीका के संघर्षों तथा न्यूट्रान बम की त्रासदी तक उनकी कविता एक चौड़ा 'जीवन का चाप' बनाती है। इसके लिए कवि ने अनेक लयों, रूपों का उपयोग किया है और नये बिम्ब रचे हैं। इन कविताओं का एक अपना रचाव है-देखते ही देखते मिट्टी एक आकार लेने लगती है और कविता सम्पन्न होती है।इतना कहने में कोई संकोच नहीं कि अरुण कमल की ये कविताएँ समकालीन हिन्दी कविता को एक नया स्वर देती हैं। ये कविताएँ वर्तमान व्यवस्था के विरुद्ध संघर्षशील मानव के पक्ष में, जीवन मात्र के पक्ष में 'सबूत' हैं।

अरुण कमल - 15 फरवरी, 1954, नासरीगंज, रोहतास में जन्म। तीन कविता पुस्तकें अपनी केवल धार (1980), सबूत (1989) तथा नये इलाके में (1996) प्रकाशित । वियतनामी कवि तो हू की कविताओं एवं टिप्पणियों की एक अनुवाद-पुस्तिका तथा अंग्रेजी में वॉयसेज नाम से भारतीय युवा कविता की किताब प्रकाशित । किपलिंग की जंगल बुक का अनुवाद शीघ्र प्रकाश्य ।कविता के लिए भारतभूषण अग्रवाल पुरस्कार, सोवियत भूमि नेहरू पुरस्कार, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार, रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार तथा शमशेर सम्मान । अफ्रोएशियाई युवा लेखक सम्मेलन, ब्राजाविले में भारत के प्रतिनिधि । अनेक देशी-विदेशी भाषाओं में कविताएँ अनूदित ।... और वर्ष 1998 का साहित्य अकादेमीपुरस्कार हिन्दी भाषा के लिए पूर्व प्रकाशित तीसरे कविता संग्रह नये इलाके में को। अभी पटना विश्वविद्यालय में अंग्रेजी के अध्यापक ।

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