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Saptaparni

by Rama Pandey
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789369447404
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 80
  • Original Price: INR 295.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Short Stories (single author)

यानी वो विचित्र पेड़ जिसके एक पत्ते में सात अलग-अलग पत्तियाँ एक साथ जुड़ी होती हैं। ‘सप्तपर्णी’ वो अनोखा वृक्ष जिसे शुभ-अशुभ दोनों ही एक साथ माना जाता है जिसे भाव का भेद तो मिला ही भाषा का भेद भी मिला, व्यवहार का भेद भी मिला। जिसे संस्कृत में शुभ कहा गया, अंग्रेज़ी में शैतान का सींग कहा गया क्योंकि पत्तियों को उल्टा करो तो वो शैतान के सींग कहलाती हैं, जो इन्सानों के लिए औषधि है जानवरों के लिए ज़हर। जिसके फूलों में मारक महक है, तो पत्तियों में विष, तभी जानवर दूर भागते हैं।इस कहानी-संग्रह में 7 कहानियाँ हैं— कहानी-संग्रह दरख़्त-ए-आज़ाद हिन्द, आईना दर्पण-7, ट्रक नं. 1220, शकूर बस्ती का रहमान, कर्ज़दार, छुट्टा साँड़ और पोखरण में पखावज। सभी कहानियाँ आज के समाज की अनसुलझी गुत्थियों को खोलती हुई सीधी बात करती कहानियाँ, लीक से अलग हटकर बहती संवेदनशीलता की जुबानी, रहस्य, रोमांच, नाटकीय, तथ्य यानी जीवन की नौटंकी दिखाती एक-एक कहानी पहाड़ी नदी सी उछलती आती है और अगर, मगर जैसे हर भाव को भिगोती चली जाती है। सीधी चाल चलती हैं ये और मोड़ पर प्रकट हो जाती हैं ये कहानियाँ एक और ज़िन्दगी की तलाश में— हम इस उस, और हम सब की तरह।

रमा पाण्डेय : शिक्षा : एम.ए. इतिहास, राजस्थान विश्वविद्यालय। फ़िल्म व टेलीविज़न डायरेक्शन-प्रोडक्शन में डिप्लोमा (अन्तरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप पर) हॉलैंड से।राजस्थान की पहली महिला मीडियाकर्मी, मंच, फ़िल्म, टेलीविज़न, दूरदर्शन और बी.बी.सी. लन्दन की एक जानी-मानी कलाकार, चर्चित फ़िल्म निर्देशिका और सशक्त लेखिका।1978 में आपकी नियुक्ति दूरदर्शन के निर्माता पद पर हुई। 1982 में आपका चयन बी.बी.सी. लन्दन के लिए हुआ। सात साल तक अन्तरराष्ट्रीय मीडिया में सफल कार्य करने के बाद रमा जी स्वदेश लौटीं और तब से आज तक फ़िल्म और टेलीविज़न के लिए प्रोडक्शन व निर्देशन का कार्य कर रही हैं। निर्देशन के लिए इनकी प्रोडक्शन कम्पनी ' मोन्टाज़ फ़िल्म्स' को ‘राजा राममोहन राय' व 'कला श्री' अवार्ड मिल चुके हैं। काव्य-संग्रह सुनो कहानी बेहद लोकप्रिय। इसका अनुवाद जर्मन और रोमानियन भाषा में। नाटक-संग्रह फ़ैसले जो मुस्लिम समाज की जागरूक महिलाओं को समर्पित सीरियल का हिस्सा है और अभी अपने द्वितीय संस्करण में है। इसी क्रम में दूसरी पुस्तक हिन्दी और उर्दू भाषा में बेगम, बानो और ख़ातून के नाम से प्रकाशित। पाँचवीं अन्तरराष्ट्रीय पुस्तक फ्रांज़ काफ़्का के उपन्यास द ट्रायल और उसके जीवन पर आधारित नाटक गिरफ़्तारी जिसके नाटकीय मंचनों ने धूम मचा दी। छठी पुस्तक लल्लन मिस एक हिजड़े की वास्तविक जीवन की कहानी को परिलक्षित करता नाटक वाणी प्रकाशन ग्रुप से प्रकाशित और सातवीं अन्तरराष्ट्रीय पुस्तक है महानगर वियना जो पीटर रसोई के उपन्यास वियना मेट्रोपोलिस का भावानुवाद है। रमा पाण्डेय भारत की इकलौती ऐसी लेखिका, निर्देशिका, प्रस्तुतकर्ता हैं जो रंगमंच, साहित्य और फ़िल्म जगत् में अपने द्वारा लिखी हुई रचनाओं का ही अद्भुत प्रयोग करती रही हैं। स्वनिर्मित सभी फ़िल्मों हेतु कहानी-पटकथा लेखन।‘सप्तपर्णी’, वाणी प्रकाशन से प्रकाशित होने वाला पहला कहानी-संग्रह है जो अपने नाम के अनुरूप ही कथन कहन के अनोखेपन के साथ विगत को आगत से जोड़ता नवरसों से भरपूर कहानी-संग्रह है। जिसमें ट्रक नं. 1220 फ़िल्म रूप में आकार लेने जा रही है।

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