Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Self-Help Ke 55 Rahasya

by Renu Saini
Save 30% Save 30%
Current price ₹210.00
Original price ₹300.00
Original price ₹300.00
Original price ₹300.00
(-30%)
₹210.00
Current price ₹210.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789388984454
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 168
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): Communication & Social Skills

कई बार जीवन में परेशानियाँ और असफलताएँ व्यक्ति को तनावग्रस्त कर देती हैं। तनाव, समस्याओं और परेशानियों का हल व्यक्ति बाहर ढूँढऩे का प्रयत्न करते हैं, जबकि वास्तविकता में उनका हल व्यक्ति के स्वयं के अंतर्मन में ही होता है। बस इसके लिए आवश्यकता होती है इस बात की कि व्यक्ति तनावग्रस्त क्षणों में स्वयं को एकाग्र करने का प्रयत्न करे।चिंता और परेशानियों को दूर कर केवल स्वयं के साथ बात करें, अपने अंतर्मन से बातें करें और याद करें उन व्यक्तियों को, जिन्होंने बहुत बड़ी समस्याओं का सामना निर्भयतापूर्वक और आत्मविश्वास के साथ किया तथा बड़ी-से-बड़ी मुसीबतों को पराजित कर अपने लक्ष्य को प्राप्त किया।जब हर ओर अंधकार नजर आए, तिमिर रोशनी को दूर करने का प्रयास करे, ऐसे में अपने अंतर्मन में यह दोहराते रहना चाहिए कि अंधकार कितना भी गहरा और काला क्यों न हो, किंतु जब रोशनी की एक किरण भी उस तक पहुँचती है तो तिमिर का घेरा टूट जाता है और प्रकाश की किरणें अपने उजाले से चहुँओर उजाला कर देती हैं।ऐसी ही अंतर्मन की अनुभूतियाँ कहानियों के साथ यहाँ प्रस्तुत हैं। अंतर्मन की ये बातें हर व्यक्ति के अंदर उपस्थित हैं, बस उनको जाग्रत करने की आवश्यकता है।

रेनू सैनी प्रतिष्ठित लेखिका हैं। लेखन के साथ-साथ इन्होंने अनुवाद, संपादन, मंच संचालन, एंकर, कमेंटेटर के क्षेत्र में भी अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। अब तक इनकी अनेक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। ‘अपने चाणक्य स्वयं बनें’ एवं बच्चों के लिए लिखी गई पुस्तक ‘रंगीली, टिक्की और गुल्लू’ पाठकों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय हुईं। ‘रंगीली, टिक्की और गुल्लू’ संस्कृत, गुजराती एवं उर्दू में अनूदित हो चुकी है। इनकी ‘कलाम को सलाम’ पुस्तक मराठी एवं कोंकणी भाषा में भी पाठकों के लिए उपलब्ध है। ‘मोदी सक्सेस गाथा’ एवं ‘दीनदयाल उपाध्याय की प्रेरक कहानियाँ’ पुस्तक हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी प्रकाशित हैं। बाल साहित्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार के साथ ही अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। इनकी अनेक रचनाएँ समाचार-पत्रों एवं पत्रिकाओं में नियमित प्रकाशित होती रहती हैं।इ-मेल: saini.renu830@gmail.com

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us