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Sher-E-Garhwal : Azadi Ke Aandolan Ke Ek Gumnaam Nayak Ki Kahani

by Kranti Nautiyal
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9788119032020
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 144
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 150 grams
  • BISAC Subject(s): General

यह पुस्तक पराधीन भारत में सन 1919-20 में हिमालय की दून घाटी में एक छोटे से छात्र-आंदोलन से प्रस्फुटित एक ऐसे ऐतिहासिक घटनाक्रम का आत्मकथात्मक स्वरूप है, जिसमें हमारे नायक को स्कूल से निकाल देने से लेकर उसके तत्कालीन ब्रिटिश गढ़वाल में भारत छोड़ो आंदोलन का नायक बनने तक के शानदार सफर के कई रोमांचकारी किस्से शामिल हैं।कर्नल इबटसन पर जानलेवा हमला करने, तत्कालीन ब्रिटिश गवर्नर मैलकम हेली का बायकॉट करने, आधुनिक उत्तराखंड के 'बारदोली' कहे जानेवाले गुजड़ू में एक बड़ा किसान आंदोलन खड़ा करने के साथ-साथ लैंसडौन गढ़वाल को सशस्त्र विद्रोह के माध्यम से स्वतंत्र करवाने के प्रयास और स्वाधीन भारत के पहले चुनाव आदि जैसे तमाम ऐतिहासिक घटनाक्रमों से जुड़े हुए कई सनसनीखेज वृत्तांतों को समेटे यह दस्तावेज, एक गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी की जीवन-यात्रा का ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानवीय जीवन और संवेदनाओं का स्वत:पूर्ण आख्यान है।

क्रांति नौटियाल का जन्म उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के बीरोंखाल ब्लॉक में हुआ। स्थानीय विद्यालय से स्कूली शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात् एच.एन.बी. गढ़वाल विश्वविद्यालय से स्नातक और फिर अंग्रेजी विषय में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की। हिंदी और अंग्रेजी में उनके कुछ लेख और कहानियाँ कतिपय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। वर्तमान में वह शेर-ए-गढ़वाल कप्तान रामप्रसाद नौटियाल स्मृति न्यास के माध्यम से बीरोंखाल क्षेत्र में जरूरतमंद विद्यार्थियों की शिक्षा-दीक्षा में सहयोग कर रहे हैं साथ ही कप्तान रामप्रसाद नौटियाल जैसे तमाम गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों को सहेजकर उन्हें युवा पीढ़ी तक पहुँचाने हेतु प्रयासरत हैं।

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