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Tishnagi (Diwan-A-Hafeez)

by Gaurav Krishna Bansal ‘Hafiz’
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9788119032044
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 224
  • Original Price: INR 300.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 300 grams
  • BISAC Subject(s): General

तिश्नगी महज़ एक किताब नहीं है। यह आपकी दोस्त है। अगर आपके दिल में कोई जज़्बा है—प्यार, मसर्रत, अफसोस, गुस्सा या और भी कुछ—तो आप उसे इस दीवान में ज़रूर पाएँगे।कई बार ऐसा होता है कि हम अपने जज़्बे को लफ्ज नहीं दे पाते। अगर आपके अंदर जज़्बात हैं, तो बहुत मुमकिन है कि दीवान-ए-हाफज़ आपके जज़्बात को अल्फाज़ दे दे। अगर आप किसी से कुछ कहना चाहते हैं तो शायद ये किताब बड़ी तहज़ीब से, तरीके से अपनी बात कहने में आपकी मददगार साबित हो।ऐसा भी हो सकता है कि जो नए शोअरा अदब की दुनिया में कदम रख रहे हैं, उन्हें इस दीवान से कुछ सीखने को मिल जाए। इस किताब में उर्दू शायरी की तीनों सिनफें हैं—गज़ल, रुबाई और नज़्म।आप इस किताब के पन्ने पलटिए और बहुत मुमकिन है कि आपको किसी पन्ने पर आपकी खुशी बाँटती हुई कोई गज़ल, या आपके बिछड़े दोस्त को बुलाती हुई कोई नज़्म, या फिर आपकी उदासी को साझा करती हुई कोई रुबाई मिल जाए।दीवान-ए-हािफज़ एक तोहफा है उन सबके लिए, जिन्हें अच्छी शायरी पसंद है और उर्दू अदब से मुहब्बत है।

गौरव कृष्ण बंसल भारतीय रेल यातायात सेवा के वरिष्ठ अधिकारी हैं। आपने अब तक पाँच किताबें लिखी हैं। आप शायद ऐसे अकेले कवि, शायर, कहानीकार और उपन्यासकार हैं जोकि तीन जबानों—हिंदी, अंग्रेजी, और उर्दू-में लिख रहे हैं और बराबर छप रहे हैं।आप एक अंतरराष्ट्रीय कवि और शायर हैं। उर्दू में आपका तखल्लुस 'हाफ़िज़' है। आपके उपन्यास 'चबूतरा को रेल मंत्रालय, भारत सरकार ने अपने सबसे बड़े अदबी-एवार्ड 'प्रेमचंद पुरस्कार से नवाज़ा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा गणतंत्र दिवस-2016 पर आपको लोक सेवा में उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र से अलंकृत किया गया।फिल्म 'शादी में जरूर आना में आपका लिखा गीत 'मेरा इंतेकाम देखेगी देश के युवाओं में एक 'कल्ट-साँग बनकर उभरा। प्रशासनिक कार्यों में उत्कृष्टता के लिए आपको उत्तर प्रदेश के माननीय राज्यपाल महोदय ने व्यक्तिगत प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया और आपके नाम की अनुशंसा प्रधानमंत्री-पुरस्कार के लिए भी की। आप सामाजिक-राष्ट्रीय चिंतक हैं और निरंतर साहित्य-सृजन में सक्रिय हैं।

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