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Vikas Ki Rajneeti

by Vinay Sahasrabuddhe
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789353224219
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 175.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): N/A

भारतीय जनता पार्टी देश की एक और राजनीतिक पार्टी भर नहीं है। अपने निर्माण व विकास के वर्षों में भाजपा खुद को पार्टी विद डिफरेंस (भिन्न किस्म का दल) के रूप में वर्णित कर गर्व महसूस करती रही है। एक के बाद एक आई दोनों वाजपेयी सरकारों ने यह प्रभावी तरीके से स्थापित कर दिया कि गठबंधन सरकारें टिकाऊ साबित हो सकती हैं, गैर-कांग्रेस सरकारें सफलतापूर्वक चल सकती हैं और इससे भी महत्त्वपूर्ण यह कि ऐसी सरकारें शासन में महत्त्वपूर्ण ढंग से योगदान दे सकती हैं, गवर्नेन्स का मूल्यवर्धन कर सकती हैं। किसी प्रकार के प्रच्छन्न या गोपनीय गैर-इरादों से मुक्त होने के कारण अपने राष्ट्रीय एजेंडे में भाजपा विकास का केंद्रीय महत्त्व सुनिश्चित कर सकी, जिसके मूल में मजबूत अर्थव्यवस्था थी। केंद्र और विभिन्न प्रदेशों में भाजपा सरकारों का प्रदर्शन साफ तौर पर अन्य राष्ट्रीय या क्षेत्रीय दलों से निर्विवाद कहीं अधिक बेहतर रहा है।यह पुस्तक उस मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) का निचोड़ है, जो भाजपा ने भारतीय लोकतांत्रिक राजनीति में अपूर्व योगदान द्वारा किया है। भाजपा ने परिश्रमपूर्वक और पूरी दक्षता से भारतीयों के जीवन में गुणात्मक रूपांतरण करने का काम किया है। भारतीय राजनीतिक विमर्श में ‘विकास की राजनीति’ यह शब्दावली केवल स्थापित करने का ही नहीं, बल्कि उसे पूरी प्रामाणिकता से जमीन पर उतारने का श्रेय भी भाजपा को जाता है। प्रामाणिक इरादे, सोच-समझकर बनाई नीतियाँ और कार्यान्वयन के प्रभावी तौर-तरीके इन तीन मुद्दों के आधार पर इस ‘विकास की राजनीति’ को अपनाया गया है।

डॉ. विनय प्रभाकर सहस्रबुद्धे महाराष्ट्र से संसद् के उच्च सदन, यानी राज्यसभा के सदस्य हैं और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद् के अध्यक्ष भी हैं। डॉ. सहस्रबुद्धे लोकतांत्रिक शासन से संबंधित अनेक मुद्दों को अभ्यासक और अनुसंधानिक दृष्टि से सुलझाते आए हैं। वह प्रवृत्ति से अध्ययन में रुचि रखते हैं और बेहतर शासन के संदर्भ में नवीन और अद्यतन पद्धतियों पर काम कर रहे हैं। उनकी पुस्तक ‘Beyond a Billion Ballots’, राजनीतिक पार्टियों के मूलभूत दर्शन और मौलिक अनुसंधान का लोकतांत्रिक शासन पर कितना प्रभाव पड़ता है, उसे स्पष्ट करती हैं। रामभाऊ म्हालगी प्रबोधनी, मुंबई, जो कि चुने हुए प्रतिनिधियों की एक अनुपम विद्यापीठ हैं, में प्रबंध निर्देशक के पद पर और कई विकास प्रशासन विद्यापीठों में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के रूप में भी कार्य करने के बाद, वर्तमान में डॉ. सहस्रबुद्धे इस संस्था के उपाध्यक्ष भी हैं। डॉ. सहस्रबुद्धे वर्तमान में भाजपा के सुशासन और नीति अनुसंधान विभागों के प्रमुख हैं और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी।उनकी अन्य प्रकाशित पुस्तकें हैं—The Innovation Republic: Governance Innovations in India under Narendra Modi. हिंदी (अनूदित) : संगठन शास्त्र; मोदी सरकार : नए प्रयोग, नए विचार।

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