Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Yaarekh/यारेख: Prem-Patron Ka Sankalan/प्रेम-पत्रों का संकलन

by Anamika Anu
Save 35% Save 35%
Current price ₹228.00
Original price ₹350.00
Original price ₹350.00
Original price ₹350.00
(-35%)
₹228.00
Current price ₹228.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9780143460725
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Penguin Swadesh
  • Publisher Imprint: Penguin Swadesh
  • Publication Date:
  • Pages: N/A
  • Original Price: INR 350.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 198 grams
  • BISAC Subject(s): Collections, Catalogs, Exhibitions / General

कहते हैं, प्रेम की परिभाषा सबकी अपनी-अपनी होती है और उसे गढ़ने में हरेक को अपने मनोभावों की माटी ही लगानी होती है। भाव से भाव बंधते जाते हैं और इस जुड़ाव को व्यक्त करने के लिए शब्दों को माध्यम ढूँढ़ने पड़ते हैं। और ये माध्यम कौन-से होंगे, यह बस प्रेम-उमड़ता मन ही जानता है कि उसे सुकून-शान्ति मिलेगी तो किससे, प्रेमपत्रों से या प्रेम-मनुहार पगे शब्द-सेतुओं से।
यह किताब छत्तीस ऐसे पत्रों का संकलन है जिनमें प्रेम है, आसक्ति है, और है रोम-रोम को झुलसाता प्रेम-पीड़ा का गान, वो भी असग़र वजाहत, अनामिका, नन्द भारद्वाज, सविता सिंह-पंकज सिंह, मैत्रेयी पुष्पा, हुज़ैफा पंडित, वंदना टेटे, के सच्चिदानंदन, जयंती रंगनाथन, गीताश्री, उषाकिरण खान, आलोक धन्वा . . . जैसे हिन्दी साहित्य जगत के कुछ चुनिन्दा सृजनकारों की कलम से लिखे और उनके शब्दों से जगमगाते!
क्या पता, यह संकलन प्रेम करने के लिए तत्पर कर दे और इन पत्रों से प्रेरित हो आप एक नया अध्याय प्रेमपत्रों का लिखने लग जाएँ क्योंकि प्रेमपत्र सिर्फ़ शब्द नहीं होते, जीजिविषा होती है स्वयं को उन्मुक्त करने की, व्यक्त करने की।

About the Author

इसकी संपादक युवा साहित्यकार डॉ अनामिका अनु हैं। उन्हें भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार (2020), राजस्थान पत्रिका वार्षिक सृजनात्मक पुरस्कार (सर्वश्रेष्ठ कवि, प्रथम पुरस्कार) (2021) और रज़ा फेलोशिप (2022) मिल चुकी है। उनकी रचनाएँ लगभग सभी प्रकार के साहित्यिक मंचों से प्रकाशित हुई हैं, जिनमें शामिल हैं – हंस, तद्भव, समकालीन भारतीय साहित्य,नया ज्ञानोदय, वागार्थ, आलोचना, समास, बया, परिकथा, मंतव्य, कादम्बिनी, आउटलुक, आजकल, लमही, मधुमती, नवनीत, हरिगंधा, स्त्रीकाल, माटी, दोआबा, नई धारा, विभोम स्वर, अहा ज़िंदगी, ललनटॉप, साहित्य तक, न्यूज 18 इत्यादि।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us