Skip to content

Booksellers & Trade Customers: Sign up for online bulk buying at trade.atlanticbooks.com for wholesale discounts

Booksellers: Create Account on our B2B Portal for wholesale discounts

Yuva Bharat Ki Nayi Pahachaan

by N. Raghuraman
Sold out
Current price ₹105.00
Original price ₹150.00
Original price ₹150.00
Original price ₹150.00
(-30%)
₹105.00
Current price ₹105.00

Ships in 7-10 Days

Free Shipping in India on orders above Rs. 500

Request Bulk Quantity Quote
+91
Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789351867111
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 160
  • Original Price: INR 150.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): World / Asian

अकसर सुनने को मिलता है—‘युवा भारत की नई पहचान’। अगर आप किसी ऐसे युवा के साथ अपने को शामिल नहीं करते, जो आपके परिवार का न हो या आपके मित्र का पुत्र न हो, पूरी तरह से अपरिचित हो, तो यह पंक्ति हमेशा एक तटस्थ लगाव पैदा करती है।भारत विश्व का सबसे ज्यादा युवा शक्तिवाला देश है। वर्ष 2020 में विश्व के सर्वाधिक युवा भारत के निवासी होंगे। प्रस्तुत पुस्तक में बहुत से उदाहरणों के द्वारा बताया गया है कि वास्तव में युवा ही इस देश का भविष्य हैं। बस, उन्हें आपसे और हमसे थोड़ा सहयोग चाहिए होता है। इसके बाद वे बड़े-बड़े चमत्कार कर सकते हैं। यह पुस्तक जीवन के ऐसे ही विभिन्न पहलुओं से ली गई कहानियों का संग्रह है।युवा शक्ति को दायित्व-बोध करवाकर उनकी क्षमताओं और प्रतिभा को विकसित करनेवाली एक प्रेरक पुस्तक।

बंबई विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट और आई.आई.टी. (सोम) बंबई के पूर्व छात्र श्री एन. रघुरामन मँजे हुए पत्रकार हैं। 30 वर्ष से अधिक के अपने पत्रकारिता के कॅरियर में वे ‘इंडियन एक्सप्रेस’, ‘डीएनए’ और ‘दैनिक भास्कर’ जैसे राष्ट्रीय दैनिकों में संपादक के रूप में काम कर चुके हैं। उनकी निपुण लेखनी से शायद ही कोई विषय बचा होगा—अपराध से लेकर राजनीति और व्यापार-विकास से लेकर सफल उद्यमिता तक सभी विषयों पर उन्होंने सफलतापूर्वक लिखा है। ‘दैनिक भास्कर’ के सभी संस्करणों में प्रकाशित होनेवाला उनका दैनिक स्तंभ ‘मैनेजमेंट फंडा’ देश भर में लोकप्रिय है और तीन भाषाओं—मराठी, गुजराती व हिंदी में प्रतिदिन करीब 3 करोड़ पाठकों द्वारा पढ़ा जाता है। इस स्तंभ की सफलता का राज है—असाधारण कार्य करनेवाले साधारण लोगों की कहानियों का हवाला देते हुए जीवन की सादगी का चित्रण। श्री एन. रघुरामन ओजस्वी, प्रेरक और प्रभावी वक्ता हैं; अनेक परिचर्चाओं और परिसंवादों के कुशल संचालक हैं। व्यक्ति की मानसिक शक्ति तथा अपनी क्षमता के अधिकतम इस्तेमाल करने के उनके स्फूर्तिदायक तरीकों की बहुत सराहना होती है।

Trusted for over 49 years

Family Owned Company

Secure Payment

All Major Credit Cards/Debit Cards/UPI & More Accepted

New & Authentic Products

India's Largest Distributor

Need Support?

Whatsapp Us