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Pinjar Prem Prakasiya

by Ramanand Tiwari
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789388211628
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: LokBharti Prakashan
  • Publisher Imprint: LokBharti Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 202
  • Original Price: INR 600.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 2nd Edition
  • Item Weight: 249 grams
  • BISAC Subject(s): General

डॉ. रामानंद तिवारी ने कबीर पर "पिंजर प्रेम प्रकासिया' शीर्षक से प्रबंध-काव्य रचकर असामान्य कार्य किया है। यह साधारण कार्य नहीं था। कबीर के जीवन-चिंतन और उनकी साधना को काव्य के प्रवाह में बाँध पाना साहस का काम है; जिसे रामानंद जी ने किया है। शायद यह रामानंद नाम का ही प्रभाव है; जिससे कबीर का यह ग्रंथावतार संभव हुआ। कबीर के समय धार्मिक/सांप्रदायिक आग्रहों, आर्थिक विषमता, परिवारिक-सामाजिक रीतियों-कुरीतियों का संश्लिष्ट, किंतु प्रवहमान रूप इस काव्य में दिखलाई पड़ता है। पंक्तियों को ध्यान से देखे तो इसमें कामायनी का छेद-प्रवाह कहीं-कहीं सुनाई पड़ता है- "झूमते हैं धरती-आकाश/मेघ जब बरसाते हैं नीर/स्रोत सब बनते एक प्रवाह/देख मन होता अधिक अधीर।“ कबीर के विद्रोही जीवन-संघर्ष और आध्यात्मिक साधना का पर्यवसान जिस लोक-मंगल की साधना में किया गया है, वह आधुनिकता का संदेश है; जिसे रचनाकार ने प्रबंधत्व में समो लिया है, यह बडी बात है और रचना की सफलता है। कबीर के जीवन-चिंतन, संघर्ष को कविता में ना या गद्य में, उपन्यास में ना- कौन ज़यादा उचित है, यह एक अलग प्रश्न है। तिवारी जी ने कबीर-जीवन के भाव-पक्ष और आध्यात्मिक औदात्य को प्रधानत: दृष्टि में रखकर उसी में उनके बीहड़ पक्ष का समावेश किया है। हो सकता है, इसमें प्रबंधत्व क्षीण लगता हो; किन्तु काव्य गहन विचारों, सार्वभौमिक, सार्वदेशिक भावित काव्य-पक्तियों से भरपूर है। आधुनिक कबीर को प्रस्तुत करने का यह सार्थक प्रयास सर्वथा अभिनंदनीय है। -विश्वनाथ त्रिपाठी.

जन्म: 10.06.1969 को प्रयागराज में | शिक्षा: एम.ए. (हिंदी, संस्कृत)-लब्धस्वर्ण पदकदय, बी.एड., पी-एच.डी. (हिंदी) साहित्य-सेवा: 'कबीर की योग-दृष्टि' (शोध-प्रबंध) एवं 'बंदिशों के पार' (कविता-संग्रह) | गतिविधियाँ: 27 जुलाई 1995 से नवोदय विद्यालय समिति (मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, भारत सरकार द्वारा संचालित) में कार्यरत |.

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