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Vigyapan Bazar Aur Hindi

by Kailash Nath Pandey
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789388211680
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Lokbharti Prakashan
  • Publisher Imprint: Lokbharti Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 410
  • Original Price: INR 595.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 146 grams
  • BISAC Subject(s): Media Studies

विज्ञापनों का खासा असर शुरूआती दौर में अहिस्ता-अहिस्ता किन्तु कालान्तर में धूम-धड़ाके के साथ भारतीय समाज में गोरे तक पसर चुका है । साफ शब्दों में, तमाम दर्जनों लांछनाओँ के बावजूद आज हम विज्ञापनों के जिस मायावी संसार का सामना कर रहे हैं, उससे बचना हमारे लिए मुस्रिकल हो गया है । एक और अभिव्यक्ति के अधिकांश मंच-मचान और माध्यमों से इसका अटूट रिस्ता स्थापित हो चुका है तो दूसरी ओर यह संप्रेषण की मुकम्मल, पुख्ता और आकर्षक विधा और माध्यम तो बन ही गया है । अब यह व्यावसायिक शक्ति, विक्रय कला की प्रणाली, लोकसेवा, घोषणा, उपभोक्ता के लिए सूचना और सुझाव, व्यावसायिक जरिया और क्रय शक्ति के सम्बर्धक के रूप में अपनी सार्थकता सिद्ध कर रहा है । विज्ञापनों के बिना, बिलाशक बाजार चल नहीं सकता । बाजार को यह सुसम्पन्न और लुभाना बनाता है, उसे सजाता और साधना है । बिना इसके मीडिया के सामने अस्तिव का संकट पैदा हो सकता है । इसने भाषा, संस्कृति के साथ को जरा, उसकी जीवन शैली, ढंग और उब को भी बदल दिया है ।.

डॉ. कैलाश नाथ पाण्डेय की ख्याति एक चर्चित भाषा-वैज्ञानिक के रूप में है । आप गाजीपुर जनपद की सैदपुर तहसील स्थित ग्राम-रामपुर माँझा के निवासी हैं । आपने बी.ए., स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) तथा एम.ए. केन्दीय विश्वविद्यालय सागर (मध्य प्रदेश) से उत्तीर्ण किया । लगभग चालीस वर्षों तक हिन्दी-अध्यापन के पश्चात् स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मलिकपुरा, गाजीपुर के हिन्दी विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त । आपकी प्रमुख कृतियाँ हैं-‘भाषा विज्ञान का अनुशीलन', भाषा विज्ञान का रसायन, 'हिन्दी: कुछ नई चुनौतियाँ', 'सन्त सुन्दरदास', ‘उर्दू: दूसरी राजभाषा', ‘प्रयोजनमूलक हिन्दी की नई भूमिका', कार्यालयीय हिन्दी, हिन्दी पत्रकारिता: संवाद और विमर्श, हिन्दी आलोचना का अन्त:पाठ, 'प्रयोजनमुलक हिन्दी की संकल्पना' आदि । आप उदय नारायण तिवारी स्मृति सम्मान, पाणिनी पुरस्कार, श्यामसुन्दर दास पुरस्कार, सारस्वत सम्मान आदि से सम्मानित किये जा चुके हैं । सम्पर्क: नवकापुरा, लंका, गाजीपुर, उ.प्र. ।.

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