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Kar Vijay Har Shikhar

by Premlata Agarwal
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789351865735
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 350.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 250 grams
  • BISAC Subject(s): Mountaineering

‘कर विजय हर शिखर’ पुस्तक हर आयु वर्ग के पाठक के लिए एक प्रेरक है। क्योंकि यह केवल आत्मकथा नहीं है, बल्कि एक आम घरेलू महिला के शिखर तक पहुँचने का एक बहुत ही अद्भुत व रोमांचकारी सफर है। पुस्तक में कई ऐसी छोटी-छोटी घटनाओं का भी जिक्र है, जो काफी महत्त्व रखती हैं। यह पुस्तक सिलिगुड़ी की एक आम लड़की प्रेमलता के पद्मश्री प्रेमलता अग्रवाल बनने की कहानी है। पुस्तक में प्रेमलता अग्रवाल के बचपन के कई ऐसे प्रसंगों को बहुत खूबसूरती से पिरोया गया है, जो कहीं-न-कहीं प्रेमलता के भीतर की इच्छा, जिज्ञासा, आत्मविश्वास, एकाग्रता, ईमानदारी, अपने कर्तव्य का दृढता से पालन करने की इच्छाशक्ति, सबको साथ लेकर चलने की भावना आदि कई ऐसे गुणों की ओर संकेत करती है, जिन्होंने प्रेमलता अग्रवाल को एक आम से खास महिला बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।पुस्तक यह भी बताती है कि यदि जीवन में सच्चा गुरु मिल जाए तो जीवन ही बदल जाता है। अकसर कई लोगों को हम यह कहते सुनते हैं कि आखिर पहाड़ों पर चढ़कर मिलता क्या है? पहले चढ़ो और फिर उतर आओ। यह पुस्तक लोगों के मन में पर्वतारोहण से जुड़े कई छोटे-बड़े सवालों का जवाब भी है।

रेनू खंतवाल (संपादिका)शिक्षा : एम.ए. हिंदी, बी.एड., पत्रकारिता में डिप्लोमा, जामिया मिल्लिया इस्लामिया।कार्य अनुभव : कॅरियर की शुरुआत सन् 2003 में हिंदी समाचार-पत्र ‘दैनिक भास्कर’ से की। सन् 2004 में ‘अहा जिंदगी!’ पत्रिका प्रारंभ हुई तो पत्रिका की संस्थापक सदस्यों में रहीं। दिल्ली से पत्रिका की जिम्मेदारी सँभाली। मार्च 2013 तक दैनिक भास्कर मैगजीन डिवीजन, दिल्ली की इनचार्ज के रूप में कार्य करती रहीं। संप्रति विभिन्न हिंदी पत्र-पत्रिकाओं के लिए स्वतंत्र लेखन कर रही हैं।

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