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Dada-Dadi Ki Kahaniyon Ka Pitara

by Sudha Murty
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9789390900428
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 208
  • Original Price: INR 350.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 200 grams
  • BISAC Subject(s): General

हर दिन एक कहानीमुश्किलों के बिन जिंदगानी!यह वर्ष 2020 की बात है, जब बच्चे घरों में कैद होकर रह गए; क्योंकि नोवेल कोरोना वायरस भारत में आ धमका है। पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो चुका है, और इस बढ़ते संकट के बीच अज्जा और अज्जी अपने पोते-पोतियों और कमलु अज्जी का शिग्गाँव स्थित अपने घर में स्वागत करते हैं।मास्क सिलने से लेकर, घर के काम में हाथ बँटाने और श्रमिकों के लिए खाना तैयार करने से लेकर कालातीत कहानियों में खो जाने तक बच्चों के लिए लॉकडाउन का समय यादगार बन जाता है, जब वे देवी-देवताओं, राजाओं, राजकुमारों, साँपों, जादुई फलियों, चोरों, साम्राज्यों और महलों की दिलचस्प दुनिया में कदम रखते हैं। दादा-दादी की सुनाई अनगिनत कहानियाँ उनके जीवन में खुशियाँ भर देती हैं, जिनसे बच्चे दुनियादारी को लेकर पहले से कहीं अधिक दयालु और समझदार हो जाते हैं। भारत की लोकप्रिय लेखिका सुधा मूर्ति आपके लिए नैतिक गुणों से भरी ‘दादा-दादी की कहानियों का पिटारा’ का ऐसा संग्रह लेकर आई हैं, जिसे उन्होंने लॉकडाउन के दौरान बड़े प्यार से सँजोया है, ताकि नन्हे-मुन्ने पाठकों को सुकून मिले और वे दूसरों की देखरेख तथा उनके साथ चीजों को साझा करने के चमत्कार का अनुभव प्राप्त कर सकें। उनकी चिर-परिचित शैली में बेहतरीन ढंग से बुनी गई पुस्तक को आप पढ़ने लगें तो उसे छोड़ने का मन नहीं करेगा और यह हर बच्चे के बुकशेल्फ के लिए एक आवश्यकता तो है ही!

अंग्रेजी और कन्नड़ की सफल लेखिका सुधा मूर्ति का जन्म 1950 में उत्तरी कर्नाटक के शिगौन में हुआ। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में एम.टेक. किया है और फिलहाल वह इनफोसेस फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं।वे अब तक 30 से ज्यादा पुस्तकें लिख चुकी हैं, जो उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, तकनीकी, संक्षिप्त कहानी-संग्रह, कथेतर साहित्य और बच्चों के लिए लिखी बेस्ट-सेलिंग कृतियाँ हैं। उनकी पुस्तकों का भारत की लगभग हर महत्वपूर्ण भाषा में अनुवाद हो चुका है। उन्हें उत्कृष्ट साहित्य लेखन के लिए आर.के.नारायण पुरस्कार (2006), पद्मश्री पुरस्कार (2006), कन्नड़ साहित्य में कर्नाटक सरकार की ओर से अतिमाबी पुरस्कार (2011) और क्रॉसवर्ड बुक द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार (2018) से सम्मानित किया जा चुका है।

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