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भावनाओं की गहराई में उपज&#2340

by  आर्या
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Book cover type: Paperback
  • ISBN13: 9798898655815
  • Binding: Paperback
  • Subject: N/A
  • Publisher: Bookleaf Publishing
  • Publisher Imprint: Bookleaf Publishing
  • Publication Date:
  • Pages: 50
  • Original Price: USD 11.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 59 grams
  • BISAC Subject(s): General

भावनाओं की गहराई में उपजती कविता भीड़ से एकांत की और शीर्षक से सुसज्जित काव्य-संग्रह आप सभी पाठक -वर्ग के समक्ष प्रस्तुत है !जिसमे लगभग २१ कविताओं को संगृहित किया गया है !जाल में फंसा हुआ बालक से लेकर एक प्यारी याद तक ! इन कविताओं में बालक-बालिकाओं पर हो रहे अत्याचार,बाल-मनोविज्ञान,नारी -मनोविज्ञान प्रेम -भावना,अकेलेपन,संत्रास,निःशब्दता, ख़ामोशी के पल और अपनी ही अलग एक सपनों की दुनिया बनाती कवयित्री और प्रकृति की आत्मकथा को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है ! जोकि हरेक पाठक -वर्ग के लिए पढ़ने और समझने में सरल हो !

आर्या, डॉ भारती: - "पुस्तक शीर्षक - भावनाओं की गहराई में उपजती कविता भीड़ से एकांत की ओर लिखते हुए यही अनुभव हुआ कि ये कविताएं कल्पना और सत्य के मध्य एक विराम है। अपनी साहित्यिक यात्रा में यह मेरी प्रथम पुस्तक है जो बुकलीफ पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित की जा रही है। इससे पहले मेरे प्रकाशित शोध - आलेख हैं -1.प्रेमचंद की कहानियों में मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ 2. यशपाल की कहानियों में मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ 3.यशपाल की कहानियों में वर्ग - संघर्ष चेतना 4.डॉ रामविलास शर्मा की आलोचना दृष्टि 5. विष्णु प्रभाकर के नाटकों में मानव - मूल्य। मुझे जाल में फंसा हुआ बालक कविता में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी द्वारा प्रथम पुरस्कार मिला। इसके अलावा मैंने शोध आलेखों का पाठ भी किया है। इस पुस्तक में 21 कविताओं को संकलित किया गया है।"

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