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Purvabhyas

by Mohan Rakesh
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788126715824
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Rajkamal Prakashan
  • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 695.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 3rd Edition
  • Item Weight: 31 grams
  • BISAC Subject(s): General

कथाकार-नाटककार मोहन राकेश के बारह आरम्भिक एकांकियों के प्रों का संग्रह है ‘पूर्वाभ्यास’। इसमें संकलित एकांकी मोहन राकेश के सिद्ध नाटककार बनने के पूर्व की रचनाएँ हैं। इनमें हमें नाटककार की रचना एवं संशोधन-प्रक्रिया का पता लगने के साथ-साथ उसकी रंग एवं ध्वनि माध्यमों की गहरी समझ का प्रमाण भी मिलता है। ये एकांकी न केवल हमें एक ऐतिहासिक दौर का ही साक्षात्कार कराते हैं, अपितु स्वयं नाटककार मोहन राकेश के प्रारम्भ-बिन्दु से लेकर अन्तिम समय तक की उनकी रंग-दृष्टि, विकास-यात्रा और ‘ग्रोथ’ को जानने-समझने का प्रामाणिक आधार भी प्रस्तुत करते हैं। इस लिहाज़ से ये सब एकांकी दस्तावेज़ी महत्त्व के हैं और मोहन राकेश के नाट्य-प्रेमियों, प्रबुद्ध पाठकों, आलोचकों, इतिहासकारों तथा शोधार्थियों की सम्पत्ति हैं। इन सभी रचनाओं में विषय, चरित्र, परिवेश एवं शिल्पगत प्रयोगों का रोचक वैविध्य है। आशा है यह पुस्तक मोहन राकेश की रंगयात्रा के गम्भीर अध्येताओं, हिन्दी एकांकी के उद्भव एवं विकास के अनुसन्धाताओं, स्कूल-कॉलेज के छात्र-कलाकारों तथा शौकिया नाट्य-मंडलियों के उत्साही रंगकर्मियों के लिए रोचक और उपयोगी सिद्ध होगी।

जन्म: 8 जनवरी, 1925; जंडीवाली गली, अमृतसर। शिक्षा: संस्कृत में शास्त्री, अंग्रेजी में बी.ए., संस्कृत और हिन्दी में एम.ए.। आजीविकाः लाहौर, मुंबई, शिमला, जालंधर और दिल्ली में अध्यापन, संपादन और स्वतंत्र-लेखन। महत्त्वपूर्ण कथाकार होने के साथ-साथ एक अप्रतिम और लोकप्रिय नाट्य-लेखक। नितांत असंभव और बेहद ईमानदार आदमी। प्रकाशित पुस्तकें: अँधेरे बंद कमरे, अंतराल, न आने वाला कल (उपन्यास); आषाढ़ का एक दिन, लहरों के राजहंस, आधे-अधूरे, पैर तले की ज़मीन (नाटक); शाकुंतल, मृच्छकटिक (अनूदित नाटक); अंडे के छिलके, अन्य एकांकी तथा बीज नाटक, रात बीतने तक तथा अन्य ध्वनि नाटक (एकांकी); क्वार्टर, पहचान, वारिस, एक घटना (कहानी-संग्रह); बक़लम खुद, परिवेश (निबन्ध); आखिरी चट्टान तक (यात्रावृत्त); एकत्र (अप्रकाशित-असंकलित रचनाएँ); बिना हाड़-मांस के आदमी (बालोपयोगी कहानी-संग्रह) तथा मोहन राकेश रचनावली (13 खंड)। सम्मान: सर्वश्रेष्ठ नाटक और सर्वश्रेष्ठ नाटककार के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नेहरू फ़ेलोशिप, फि़ल्म वित्त निगम का निदेशकत्व, फि़ल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य। निधन: 3 दिसम्बर, 1972, नई दिल्ली|

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