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Pallav

by Sumitranandan Pant
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788126718665
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Rajkamal Prakashan
  • Publisher Imprint: Rajkamal Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 156
  • Original Price: INR 695.0
  • Language: Hindi
  • Edition: 16th Edition
  • Item Weight: 95 grams
  • BISAC Subject(s): General

‘‘पल्लव बिल्कुल नए काव्य-गुणों को लेकर हिन्दी-साहित्य जगत में आया...पन्त में कल्पना शब्दों के चुनाव से ही शुरू होती है। छन्दों के निर्वाचन और परिवर्तन में भी वह व्यक्त होती है। उसका प्रवाह अत्यन्त शक्तिशाली है। इसके साथ जब प्रकृति और मानव-सौन्दर्य के प्रति कवि के बालकोचित औत्सुक्य और कुतूहल के भावों का सम्मिलन होता है तो ऐसे सौन्दर्य की सृष्टि होती है जो पुराने काव्य के रसिकों के निकट परिचित नहीं होता। कम सम्वेदनशील पुराने सहृदय इस नई कविता से बिदक उठे थे और अधिक सम्वेदनशील सहृदय प्रसन्न हुए थे। पल्लव के भावों की अभिव्यक्ति में अद्भुत सरलता और ईमानदारी थी। कवि बँधी रूढ़ियों के प्रति कठोर नहीं है, उसने उनके प्रति व्यंग्य और उपहास का प्रहार नहीं किया, पर वह उनकी बाहरी बातों की उपेक्षा करके अन्तराल में स्थित सहज सौन्दर्य की ओर पाठक का ध्यान आकृष्ट करता है। मनुष्य के कोमल स्वभाव, बालिका के अकृत्रिम प्रीति-स्निग्ध हृदय और प्रकृति के विराट और विपुल रूपों में अन्तर्निहित शोभा का ऐसा हृदयहारी चित्रण उन दिनों अन्यत्र नहीं देखा गया।’’ - आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी

जन्म: 20 मई, 1900 कौसानी (उत्तरांचल में) । शिक्षा: प्रारम्भिक शिक्षा कौसानी के वर्नाक्यूलर स्कूल में। 1918 में कौसानी से काशी चले गए, वहीं से प्रवेशिका परीक्षा पास की। प्रकाशित पुस्तके: कविताा-संग्रह: वीणा, ग्रन्थि, पल्लव, गुंजन, ज्योत्स्ना, युगपथ, युगवाणी, ग्राम्या, स्वर्णकिरण, स्वर्णधूली, मधुज्वाल, उत्तरा, रजत-शिखर, शिल्पी, सौवर्ण, युगपुरुष, छाया, अतिमा, किरण-वीणा, वाणी, कला और बूढ़ा चाँद, पौ फटने से पहले, चिदंबरा, पतझर (एक भाव क्रान्ति), गीतहंस, लोकायतन, शंखध्वनि,शशि की तरी, समाधिता, आस्था, सत्यकाम, गीत-अगीत,संक्रांति, स्वच्छंद ! कथा-साहित्य: हार, पांच कहानियां ! आलोचना एवं अन्य गद्य-साहित्य: छायावाद: पुनर्मूल्यांकन, शिल्प और दर्शन, कला और संस्कृति, साठ वर्ष: एक रेखांकन ! पुरस्कार: 1960 में कला और बूढा चाँद पर साहित्य अकादेमी पुरस्कार, 1961 में पद्मभूषण की उपाधि, 1965 में लोकायतन पर सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार, 1969 में चिदंबरा पर भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार ! 28 दिसम्बर 1977 को देहावसान !.

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