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Aapda Prabandhan

by Shiv Gopal Mishra
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9788177211252
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publisher Imprint: Prabhat Prakashan Pvt. Ltd.
  • Publication Date:
  • Pages: 224
  • Original Price: INR 500.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 290 grams
  • BISAC Subject(s): Emergency Management

आपदा प्रबंधन-शिवगोपाल मिश्र‘आपदा’ (Disaster) एक ऐसी असामान्य घटना है, जो सीमित अवधि के लिए आती है, किंतु किसी भूभाग या देश की अर्थव्यवस्था को छिन्न-छिन्न कर देती है।अव्यवस्थित तंत्र के बल पर आपदाओं का सामना नहीं किया जा सकता। पिछले कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन के प्रयास किए जाते रहे हैं। संप्रति आपदा प्रबंधन बहुआयामी व्यवस्था बन चुकी है, जो अधुनातन प्रौद्योगिकी की सहायता लेकर कम-से-कम समय में आपदाओं की पूर्व सूचना, चेतावनी, बचाव, राहत, पुनर्वास आदि के साधन जुटाती है। वर्तमान युग में आपदा प्रबंधन की महत्ता सर्वस्वीकृत है।अब तक हिंदी में ‘आपदा प्रबंधन’ पर कोई पुस्तक उपलब्ध नहीं थी, अत: चित्रों से सुसज्जित यह पुस्तक इस अभाव की पूर्ति है। पुस्तक को तीन खंडों में विभाजित किया गया है। प्रथम खंड में आपदा प्रबंधन की सैद्धांतिक विवेचना है। दूसरे खंड में विविध प्राकृतिक आपदाओं का विवरण तथा दृष्टांत रूप में उनके प्रबंधन का वर्णन है। तृतीय खंड में मानवकृत आपदाओं का विवरण तथा उनका प्रबंधन बताया गया है। अंत में परिशिष्ट खंड में विविध सूचनाप्रद सामग्री संगृहीत है। हिंदी पारिभाषिक शब्दों के अंग्रेजी पर्यायों की सूची भी दी गई है।आशा है, पाठकों के लिए यह पुस्तक जानकारीपरक, रोचक एवं मार्गदर्शन करने वाली सिद्ध होगी।

डॉ. शिवगोपाल मिश्रजन्म : 13 सितंबर, 1931 को।शिक्षा : एम.एससी., डी.फिल., साहित्यरत्‍न, एफ.एन.ए.एससी.।प्रकाशन : लोकप्रिय वैज्ञानिक साहित्य के रूप में हिंदी में 26 तथा अंग्रेजी में 11 पुस्तकों सहित 5 पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित; 3 मानक वैज्ञानिक पुस्तकों का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद कार्य। वैज्ञानिक पुस्तकों के अतिरिक्‍त 9 हिंदी साहित्यिक पुस्तकों की रचना। अब तक 1500 से अधिक लोकप्रिय वैज्ञानिक लेख, 300 से अधिक मृदा विज्ञान विषयक शोधपत्र देश-विदेश की विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित।संपादन : ‘विज्ञान’ मासिक पत्रिका का बारह वर्षों तक संपादन के अतिरिक्‍त सन् 1958 से ही ‘विज्ञान परिषद् अनुसंधान पत्रिका’ के प्रबंध संपादक। ‘भारत की संपदा’ तथा ‘आविष्कार’, नई दिल्ली, ‘रसायन समीक्षा’, जयपुर, ‘विज्ञान गरिमा सिंधु’, नई दिल्ली आदि विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के संपादन-मंडल के सदस्य के रूप में भी सक्रिय योगदान।प्रशासनिक अनुभव : विशेष कार्याधिकारी, भारतीय वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली (1970-72); निदेशक, शीलाधर मृदा विज्ञान शोध संस्थान, इलाहाबाद विश्‍वविद्यालय (1986-91) तथा प्रधानमंत्री, विज्ञान परिषद्, प्रयाग (1977-87)। संप्रति: 1996 से पुन: विज्ञान परिषद्, प्रयाग के प्रधानमंत्री। अनेक विज्ञान समितियों के वरिष्‍ठ सदस्य।सम्मान/पुरस्कार : ‘हरिशरणानंद पुरस्कार’ (1961), ‘विज्ञान सरस्वती’ (1978), ‘डॉ. आत्माराम पुरस्कार’ (1993), ‘विज्ञान भूषण’ (1996), ‘विज्ञान भास्कर’ (1997), ‘विज्ञान मार्तंड’, (1997), ‘अभिषेकश्री’ (2000), इंडियन साइंस राइटर्स एसोसिएशन की मानद फेलोशिप (2000), ‘राष्‍ट्रीय हिंदी सेवा सहस्राब्दि सम्मान’ (2000)।

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