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Apna Wala School

by Sarita Bambha
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Book cover type: Hardcover
  • ISBN13: 9789352290604
  • Binding: Hardcover
  • Subject: N/A
  • Publisher: Vani Prakashan
  • Publisher Imprint: Vani Prakashan
  • Publication Date:
  • Pages: 176
  • Original Price: INR 325.0
  • Language: Hindi
  • Edition: N/A
  • Item Weight: 350 grams
  • BISAC Subject(s): General

अपना वाला स्कूल - 'अपना वाला स्कूल' एक कहानी संग्रह है जिसकी कहानियाँ स्तरीय पत्र-पत्रिकाओं में विभिन्न समयों पर प्रकाशित और प्रशंसित होती रही हैं।इस संग्रह की सहज-सरल भाषा तथा सांकेतिक शैली पाठक को बाँधती है और कथ्य किसी ऐसे अनुभव को उद्घाटित करता है, जो सामान्य जीवन का अंग होते हुए भी अनुभूति तथा अभिव्यक्ति की तीव्रता के कारण असाधारण बन जाता है। इस प्रक्रिया के चलते कहानीकार ने एक से एक अद्भुत पात्रों की सृष्टि की है। 'तीन शब्द' की दीपा हो या फिर 'वे लिफ़ाफ़े' की अलका, वे रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में मिलने वाली साधारण महिलाएँ हैं लेकिन लेखिका की संवेदना उन्हें ऐसी गरिमा प्रदान करती है कि पाठक उनके साथ एक आत्मीय रिश्ते में बँध जाता है और उसे उनका दुःख-सुख अपना दुःख-सुख लगने लगता है।मध्यमवर्गीय दाम्पत्य जीवन पर कहानीकार की गहरी पकड़ है और उस जीवन के बहुत ही सलोने चित्र उनकी कहानियों में उभरे हैं। उनकी कहानियों का व्यंग्य भी कटु नहीं, मधुर है। वह खरोंचता नहीं, गुदगुदाता है और स्थायी प्रभाव छोड़ जाता है।

सरिता बाम्भालेखिका का जन्म पंजाबी परिवार में बिहार के संथाल परगना ज़िले के राजमहल नामक शहर में हुआ।शिक्षा-दीक्षा और पालन-पोषण दुमका नामक शहर में हुआ। पंजाबी पारिवारिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ बंगाल-बिहार के सांस्कृतिक सम्मिश्रण की सुगन्धमय संवेदनशीलता इन रचनाओं में सर्वत्र मिलती है।संगीत एवं साहित्य में इनकी विशेष रुचि बचपन से ही रही है और इन दोनों विधाओं में एक गहरा सम्बन्ध इन्हें निरन्तर महसूस होता रहा है। पर कुछ कारणों से एम.ए. इतिहास में किया और बोकारो इस्पात नगर (बिहार) के उच्चविद्यालय में सन् 70 से सन् 88 तक अध्यापन कार्य करने के पश्चात् स्वैच्छिक अवकाश ग्रहण कर स्वतन्त्र लेखन प्रारम्भ किया।प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनकी दर्जनों रचनाएँ प्रकाशित-प्रशंसित हुई हैं और आकाशवाणी से प्रसारित भी।

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